चाय लेंगे या कॉफी तय करेंगे जींस

फूड हैबिट्स का पता चलने पर लोगों को शराब, सिगरेट आदि व्यसनों से रोका जा सकता है

By: Mridula Sharma

Published: 19 Mar 2020, 02:11 PM IST

हाल में हुए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि अपनी सुबह की शुरुआत के लिए आप चाय का प्याला लेना पसंद करेंगे या कॉफी का सिप, यह आपके जींस से पता लगाया जा सकता है। रिकेन सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव मेडिकल साइंसेज और ओसाका विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने जापान में 1,60,000 से अधिक लोगों के आनुवंशिक डेटा और खाद्य वरीयताओं का अध्ययन किया। यह शोध जर्नल नेचर हृयूमन बिहेवियर में प्रकाशित हुआ है। इस शोध में 13 आहार संबंधी आदतों के लिए जेनेटिक लिंक पाए गए जिनमें अल्कोहल का सेवन, अन्य पेय पदार्थ और खाद्य पदार्थ शामिल थे। साथ ही शोध में कैंसर और डायबिटीज जैसे रोगों पर भी फोकस किया गया।

हम जो हैं, वही खाते हैं
कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि चूंकि यह शोध केवल जापान के लोगों पर आधारित है इसलिए इसके परिणामों को सभी के लिए उचित नहीं माना जा सकता है। हालांकि इससे पहले भी कई संगठन खाद्य पदार्थों की वरीयता के आधार पर इस प्रकार के शोध कर चुके हैं। ओसाका विश्वविद्यालय में प्रो. यूकिनोरी ओकाडा ने कहा कि हम जानते हैं कि हम जो भी खाते हैं वह दर्शाता है कि हम क्या हैं, लेकिन शोध में हमने यह पाया कि हम जो हैं, वह यह तय करता है कि हम क्या खाते हैं।

जीनोम स्टडी के जरिए अध्ययन
जीनोम स्टडी में बीमारियों का अध्ययन किया जाता है लेकिन इस शोध में रिकेन टीम ने खाद्य पदार्थों की हैबिट्स का अध्ययन किया ताकि पता चल सके कि कोई इस प्रकार के पदार्थ हैं, जो कि मनुष्यों को खतरे में डाल सकते हैं। शोधकर्ताओं को नौ ऐसे आनुवांशिक स्थान मिले जो कॉफी, चाय, शराब, दही, पनीर, नाटो (जापानी सोया बींस), टोफू, मछली, सब्जियों और मांस के सेवन से जुड़े थे। शोध में कड़वे स्वाद देने वाले वेरिएंट्स का भी अध्ययन किया गया।

पूर्व से अलग शोध

अब तक हुए शोधों में खास पोषक तत्वों को आधार मानकर अध्ययन किया जाता था लेकिन इस शोध के केंद्र में फूड है।
- वर्ष 2014 में इसी प्रकार का एक अध्ययन हुआ जिसमें वैरिएंट्स के माध्यम से लोगों के द्वारा ब्रेड पर ऑलिव ऑयल या बटर लगाने की वरीयता को जांचा गया।
- उसी वर्ष के एक अलग यूरोपीय अध्ययन में एक भोजन में नमक की धारणा से संबंधित आनुवंशिक संबंध पाए गए।
भोजन का मुख्य पदाथ महत्त्वपूर्ण
अध्ययन में पाया गया कि स्वाद के लिए किसी भी भोजन का मुख्य पदार्थ भी महत्त्वपूर्ण होता है। जैसे दही और योगर्ट, दूध आधारित खाद्य पदार्थों के बीच सकारात्मक आनुवंशिक सहसंबंध होता है। यह पता लगाने के लिए कि भोजन से जुड़े इन आनुवांशिक मार्करों में से कोई बीमारी से जुड़ा हुआ था या नहीं, शोधकर्ताओं ने फेनोम अध्ययन किया। फेनोम में डीएनए के सभी संभावित अवलोकन लक्षण शामिल हैं, जिन्हें फेनोटाइप कहा जाता है।


गलत आदतों में कमी संभव
भोजन से जुड़े आनुवंशिक मार्करों में से छह भी कम से कम एक बीमारी फेनोटाइप से संबंधित थे, जिसमें कई प्रकार के कैंसर के साथ-साथ टाइप 2 मधुमेह भी शामिल था। पहले हुए शोध में उन जींस का अध्ययन किया गया जो कि प्रोटी इंटेक, हाई फैट और हाई कार्बोहाइड्रेटेड इंटेक से जुड़े हुए थे। लेकिन इस शोध में अध्ययन किया गया कि जींस के आधार पर व्यक्ति किस फूड को महत्त्व देता है। एक्सपटर््स कहते हैं कि फूड हैबिट्स का पता चलने पर लोगों को खास प्रकार की खराब आदतों से रोका जा सकता है।

Mridula Sharma Reporting
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