Teachers Day Special : उम्र भी नहीं तोड़ पाई जज्बा, स्कूल में नियमित करा रहे पढ़ाई

शिक्षक दिवस पर विशेष : शिक्षण केवल पेशा नहीं बल्कि समाजसेवा से जुड़ा है और सेवा से व्यक्ति कभी निवृत्त नहीं होता। इसे सही साबित किया है जयपुर के कुछ ऐसे ही शिक्षकों ने ( Teachers Day Jaipur )

By: Deepshikha Vashista

Published: 05 Sep 2019, 04:09 PM IST

जयपुर. Teachers Day Special 2019 : शिक्षण केवल पेशा नहीं बल्कि समाजसेवा से जुड़ा है और सेवा से व्यक्ति कभी निवृत्त नहीं होता। इसे सही साबित किया है कुछ शिक्षकों ने। पहले 60 वर्ष की आयु तक नौकरी करते हुए स्कूल में बच्चों को पढ़ाया। फिर सरकार ने नौकरी से सेवानिवृत्त कर दिया लेकिन इन्होंने खुद को शिक्षण संबंधी सेवा से कभी निवृत्त नहीं होने दिया। आज भी बच्चों को निस्वार्थ भाव से पढ़ा रहे हैं। जिले के कुछ ऐसे ही शिक्षकों की कहानी।


नौकरी से निवृत्त हुए, सेवा से नहीं

- मर्जिया खातुन जैदी, 83 वर्ष :

प्रिंसीपल पद से 23 साल पहले सेवानिवृत्त हुईं। अभी मोतीडूंगरी रोड स्थित मुस्लिम बालिका स्कूल की प्रिंसीपल हैं। जैदी ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी बच्चों के बीच रहने की इच्छा होती थी। इसलिए सेवानिवृत्ति के छह साल बाद फिर स्कूल ज्वाइन कर लिया। प्रिंसीपल बनी तब स्कूल पांचवीं तक ही था। उसे आठवीं और बाद में दसवीं तक करवाया। बच्चियां बढ़कर 500 से अधिक हो गई हैं। स्कूल का नया भवन भी बन रहा है। पिछले 15 वर्ष से रोजाना सुबह 7 बजे स्कूल के लिए निकल जाती हूं। दोपहर 12 बजे छुट्टी होने के बाद ही घर लौटती हूं। उम्र न तो पढ़ाना रोक सकती है, न पढ़ना। अब पीएचडी करना चाहती हूं।

 Rameshwar Prasad Sharma

रामेश्वर प्रसाद शर्मा, 69 वर्ष :

राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित शर्मा कई वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए लेकिन शिक्षकों-छात्रों के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। साथी सदस्यों की मदद से हर साल बोर्ड परीक्षा के लिए दसवीं के बच्चों की मदद करते हैैं। परीक्षा की तैयारी के लिए विषयों के विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद से पुस्तिका तैयार कर छपवाते हैं। सरकारी स्कूलों के हजारों बच्चों को ये पुस्तिकाएं नि:शुल्क दी जाती हैं। इनकी मदद से बच्चे परीक्षा में अच्छे अंक भी ला रहे हैं। शर्मा स्कूलों में बच्चों के लिए वर्कशॉप भी आयोजित करते हैं।

 Pannalal Yadav

पन्नालाल यादव, 60 वर्ष :

कोटपूतली के देवता गांव निवासी पन्नालाल इस साल फरवरी में गांव के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय से रिटायर हुए। सेवानिवृत्ति के बाद स्कूल में बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने बताया, सरकारी स्कूलों में अक्सर शिक्षकों की कमी रहती है। सेवानिवृत्त शिक्षक सेवाएं दें तो यह कमी दूर हो सकती है। स्कूल में अन्य शिक्षकों की तरह मेरी कक्षाएं भी नियमित होती हैं।

Deepshikha Vashista
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