स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण के इंतजार में शिक्षक


विभाग की सुस्त प्रक्रिया का खामियाजा भुगत रहे शिक्षक
राधाकृष्णन शिक्षक संघ की मांग
शीघ्र हो स्थायीकरण और नियमितीकरण

By: Rakhi Hajela

Updated: 05 Mar 2021, 09:52 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India


शिक्षा विभाग व पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के चलते प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्ष 2012 से 2018 तक नियुक्त किए गए शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण का मामला अटका हुआ है। विभाग की ओर से इन शिक्षकों के दस्तावेजों का सत्यापन का कार्य नहीं होने से उनका स्थाईकरण नहीं हो सका है, इसमें कई ऐसे शिक्षक हैं जो बाहरी राज्यों से डिग्री करके आए हैं,उनकी डिग्री का सत्यापन भी नहीं हुआ है और इसका असर शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड पर पड़ रहा है।
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से सरकारी कर्मचारियों की भर्ती के बाद 2 साल का समय परिवीक्षाकाल का होता है। इस दौरान विभाग की ओर से अभ्यर्थी की तरफ से दिए गए दस्तावेज और डिग्रियों की जांच करनी होती है और जैसे ही दो साल का समय पूरा होता है तो उन कर्मचारियों का स्थायीकरण किया जाता है, लेकिन 2012,2013 और 2016 में नियुक्त तथा वर्तमान राजस्थान सरकार के समय से होने वाली शिक्षक भर्ती में नियुक्त किए गए शिक्षकों का भी अब तक स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण नहीं हुआ है।
आपको बता दें कि अभ्यर्थी की तरफ से दिए गए दस्तावेज और डिग्रियों की जांच की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है,लेकिन इस प्रकार प्रक्रिया में समय तो विभागीय नियमानुसार निर्धारित होता है लेकिन शिक्षकों को फिर भी पता नहीं चलता कि आवेदन प्रक्रिया पूर्ण है या किसी प्रकार के आक्षेप में है। शिक्षकों का कहना है कि जब कर्मचारी के द्वारा ऑनलाइन आवेदन करवाया जा रहा है तो विभाग के द्वारा भी पूर्ण या आक्षेप की सूचना निर्धारित समय में शाला दर्पण के माध्यम से शिक्षक को पता होनी चाहिए। इन सभी प्रकार के कार्यो में देरी का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारी 2 साल तक निर्धारित वेतन में अपना व अपने परिवार के जीवन यापन करता है। दो साल पूर्ण करने के समय का बड़ी तन्मयता से इंतजार करता है जिससे उसे स्थायीकरण हो सके लेकिन अभी भी शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों को वर्षो से अपनी सेवा के स्थायीकरण व वेतन नियमितीकरण का इंतजार है।

राधाकृष्णन शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश चंद सैन का कहना है कि संघ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा से मांग की है कि 2012, 2013, 2016 और 2018 में कार्यरत सभी शिक्षकों का स्थायीकरण और वेतन नियमितीकरण किया जाए। जिससे इन सभी शिक्षकों के साथ साथ इनके परिजनों को भी इसका फायदा मिल सके और वह पूर्ण वेतन मिलने से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन आसानी से कर सके।

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