वेतन की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े शिक्षक


महिला शिक्षिका भी शामिल
मांगें पूरी होने का आश्वासन मिलने के बाद उतरे नीचे
व्यावसायिक शिक्षकों ने किया शिक्षा संकुल में प्रदर्शन
कहा,10 माह से नहीं मिल रहा वेतन

By: Rakhi Hajela

Updated: 26 Oct 2020, 10:51 PM IST

गत 10 माह का बकाया वेतन दिए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आज व्यावसायिक शिक्षकों ने न केवल आज शिक्षा संकुल पर प्रदर्शन किया बल्कि वह संकुल स्थित पानी की टंकी पर भी चढ़ गए। काफी देर चली समझाइश के बाद उन्हें टंकी से उतारा गया। जानकारी के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हुए व्यावसायिक शिक्षकों ने आज शिक्षा संकुल में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होता उनका धरना जारी रहेगा। इस बीच उन्होंने शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासर से भी मिलने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिल सके। ऐसे में शिक्षामंत्री और विभागीय अधिकारियों पर उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए कुछ शिक्षक संकुल स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। इनमें बांसवाड़ा निवासी भारती जोशी,संतोष शर्मा,बिंदिया भट्ट के साथ ही दौसा से योगेश, सवाई माधोपुर से भारत और जयपुर से विनोद शामिल थे। उनका कहना था कि प्रदेश के 905 सरकारी स्कूलों के 1810 व्यावसायिक शिक्षक लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हो गए हैं उनकी आर्थिक और मानसिक स्थित बदतर हो गई है ऐसे में सरकार उन्हें नियमित करे। जिस प्रकार सरकार ने आईटीआई गेस्ट फैकल्टी को लॉकडाउन के समय का पारिश्रमिक दिए जाने का निर्णय लिया है वैसे ही उन्हें भी पारिश्रमिक दिया जाए।
5 सदस्य प्रतिनिधि मंडल पहुंचा वार्ता करने
शिक्षकों के पानी की टंकी पर चढऩे की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने शिक्षकों की समझाइश के प्रयास किए और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वार्ता के लिए 5 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल को बुलाया। अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद पानी की टंकी पर चढे शिक्षक नीचे उतर गए। उनका कहना था कि सरकार ने आगामी दस दिन में उनकी मांगों को पूरा किए जाने का आश्वासन दिया है। शिक्षकों का कहना था कि यदि सरकार ने 10 दिन में उनकी मांग नहीं मानी तो वह फिर से आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। जिस दौरान शिक्षक टंकी पर चढ़े थे उस दौरान पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए टंकी के नीचे जाल लगाया साथ ही सिविल डिफेंस की टीम और एम्बुलेंस भी मौके पर पहुंची।
ये थीं अन्य मांगें
जिन कम्पनियों ने उनका वेतन भुगतान नहीं किया उनके विरूद्ध सरकार कार्रवाई करें।
ऐसी ठोस पॉलिसी बनाई जाए जिससे कम्पनियां उनका शोषण नहीं कर सकें।
पहले की तरह हर साल पूरे साल रोजगार दिया जाए।
अनुबंध समाप्त होने से पहले नया टेंडर जारी कर उसे पूरा किया जाए जिससे बीच की अवधि में इन्हें बेरोजगार नहीं रहना पड़े।
प्लेसमेंट एजेंसी से मुक्त कर विभाग में समायोजित किया जाए।
संविदाकर्मी सूची में शामिल किए जाने के साथ ही नियमित रूप से वेतन दिए जाने की भी मांग की।

Rakhi Hajela Desk
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