एक शिक्षक जिसने बदल दी स्कूल की तस्वीर

शिक्षक दिवस विशेष: पहले नामांकन में रिकार्ड बनाया, अब खुद के वेतन से स्कूल को दिया ट्रेन जैसा लुक, धौलपुर जिले में शेरपुर प्राथमिक विद्यालय

By: MOHIT SHARMA

Updated: 05 Sep 2019, 10:03 AM IST

जयपुर। एक शिक्षक ऐसा है, जिसने अपने सहयोगी शिक्षक और ग्रामीणों के सहयोग से बंद स्कूल को न केवल पुन: शुरू कराया, बल्कि उसके नामांकन में भी रिकार्ड कायम किया। हम बात कर रहे धौलपुर जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालय शेरपुर की। इस स्कूल के प्रधानाध्यापक राजेश शर्मा ने स्कूल की दशा ही बदल दी। जिस स्कूल को अगस्त 2014 में 30 से कम नामांकन होने की वजह से सरकार ने बंद कर दिया था उसी स्कूल को उन्होंने अक्टूबर 2014 में फिर से खुलवाया। पहले यह पेड़ के नीचे के चलता था। अब यह स्कूल निजी स्कूलों को भी मात दे रहा है। इस स्कूल में अब नामांकन बढ़कर 217 हो गया है। स्कूल का कायाकल्प करने के साथ स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई पर भी विशेष ध्यान दिया है। पिछले सत्र में पांचवीं बोर्ड परीक्षा में बैठे सभी 40 विद्यार्थी ए प्लस व ए ग्रेड से उत्तीर्ण हुए।

ट्रेन जैसा दिया लुक
संस्था प्रधान ने अपने वेतन से करीब 70 हजार रुपए खर्च कर इस स्कूल को ट्रेन जैसा लुक दिया। स्कूल को ट्रेन के विशेष आकार में तब्दील कराकर पूरे कैम्पस में आकर्षक चित्रकारी ,हेल्पलाइन नम्वर सामान्य ज्ञानकी जानकारी दीवारों पर अंकित कराई। यही नहीं शैक्षिक सत्र की शुरुआत में भामाशाहों की मदद से प्रत्येक विद्यार्थी को निजी स्कूल की तरह निशुल्क यूनिफार्म, स्कूल बैग, फोटो युक्त डिजिटल आई कार्ड ,स्कूल का नाम लिखी बेल्ट व टाई दिला एक मॉडल स्कूल बना दिया है।

सीसीटीवी और वाटर कूलर भी
जो सुविधाएं प्रदेश के बड़े-बड़े सरकारी स्कूलों में नहीं है वह शेरपुर के प्राथमिक स्कूल में उपलब्ध हैं। यहां सीसीटीवी कैमरे तो लगे ही हैं, साथ ही विद्यार्थियों के लिए वाटर कूलर की सुविधा भी है। स्कूल में कूलर भी लगे हैं। भामाशाह के सहयोग से प्रत्येक क्लासरूम पर दो—दो पंखे लगे हुए छात्रों को बैठने के लिए रेड कारपेट है। यह स्कूल किसी कॉन्वेंट स्कूल से कम नजर नहीं आता है।

दो कमरों की दरकार
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश शर्मा बताते हैं कि स्कूल में पांच कक्षाओं में केवल 3 कमरे हैं। दो कक्षाओं को बरामदो व टीन सेट में बिठाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सुचारू शिक्षण के लिए स्कूल में 2 कमरे और होने चाहिए। साथ ही स्कूल को प्राथमिक से उच्च प्राथमिक में क्रमोन्नत करने की भी उन्होंने सरकार से मांग की है। इस सत्र में नामांकन के हिसाब से शिक्षकों के पद सृजित होने से 6 शिक्षक अब इस स्कूल में हो गए हैं।

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