अफसरों के लिए शिक्षक भर्ती बनी गलफांस

अफसरों के लिए शिक्षक भर्ती बनी गलफांस

neha soni | Publish: Feb, 17 2019 02:20:11 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

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जयपुर. तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती (लेवल प्रथम) अफसरों के लिए गलफांस बनती जा रही है। शिक्षा विभाग के पास अधिकृत तौर पर अब तक यह जानकारी नहीं है कि किस जिले में कितने शिक्षकों ने हाइकोर्ट रोक से पहले नियुक्ति ले ली है। ऐसे में कई विधायकों समेत अन्य जनप्रतिनिधियों ने हाइकोर्ट की रोक से लगने पहले शिक्षकों को नियुक्ति देने में अफसरों पर ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत की है। बांसवाड़ा में हंगामा हो चुका है और सफल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के लिए धरना दे रखा है। इसके चलते सरकार ने बाड़मेर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कालूराम और बांसवाड़ा जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मीकांत बालोत को एपी
ओ कर दिया। तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नियुक्ति से हाइकोर्ट ने 8 फरवरी को रोक हटाई थी। इसके बाद शिक्षा मंत्री गोविन्द डोटासरा ने 12 फरवरी को सभी जिलों में अफसरों को 26 हजार शिक्षकों को दो से तीन दिन में नियुक्ति देने के आदेश दिए थे। इसी बीच 13 फरवरी को हाइकोर्ट की जोधपुर बेंच ने नियुक्ति पर फिर से रोक लगा दी। इसके चलते नियुक्ति प्रक्रिया बीच में रोक दी गई।

जानकारी के अनुसार जोधपुर में 1437, डूंगरपुर में 1069, प्रतापगढ़ में 680, झालावाड़ में करीब 500, भीलवाड़ा में करीब 490, सिरोही में 5 तृतीय श्रेणी शिक्षकों को हाइकोर्ट स्टे से पहले नियुक्ति दे गई।
यहां किसी को नहीं मिली
बांसवाड़ा, बाड़मेर, अलवर, धौलपुर, पाली, जालौर, श्रीगंगानगर, नागौर में किसी को नियुक्ति नहीं मिली। जबकि उदयपुर, बीकानेर, दौसा, कोटा, हनुमानगढ़, अजमेर, टोंक, सवाईमाधोपुर, सीकर, चूरू और झुंझुनूं में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की जानकारी नहीं मिल सकी है।

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