‘सिखों के गले में टायर डालकर और आग लगाकर जान से मारा’

1984 के दंगों के कत्लेआम की चश्मदीद ने बताई आपबीति

आरोपी को सजा मिलने पर सिख समाज ने जताई खुशी

By: Girraj Sharma

Published: 18 Dec 2018, 10:08 PM IST

‘सिखों के गले में टायर डालकर और आग लगाकर जान से मारा’

1984 के दंगों के कत्लेआम की चश्मदीद ने बताई आपबीति

आरोपी को सजा मिलने पर सिख समाज ने जताई खुशी

जयपुर। दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के दंगों के आरोपी सज्जन कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाने से राजस्थान के सिख समाज ने खुशी जताई है। हाईकोर्ट के इस निर्णय का राजस्थान सिख समाज ने स्वागत किया है। वहीं १९८४ के दंगों के प्रभावितों को पुनर्वास व उचित मुआवजे की मंाग भी उठाई है। उधर दंगों के चश्मदीद रहे अवतारसिंह और रतनसिंह ने भी घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि 1984 में उनके बहनोई जयपुर से पिंकसिटी एक्सप्रेस ट्रेन से रवाना हुए। गुडगांव ट्रेन पहुंचते ही ट्रेन में 21 सिक्ख यात्रियों को मार डाला। वहीं कत्लेआम में हजारों की संख्या में सिखों के गले में टायर डालकर और आग लगाकर जान से मारा गया। उन्होंने कहा कि 34 साल के लंबे इंतजार के बाद पीडि़तों को न्याय मिला है, अन्य दोषियों पर भी कोर्ट सख्ती से दिखाएं।

समाज के अध्यक्ष सरदार अजयपाल सिंह ने बताया कि १९८४ में सिखों पर जो हत्याचार हुआ था, वह भारतवर्ष में बहुत ही शर्मनाक घटना थी, लेकिन आज हमें खुशी है, हम दिल्ली हाईकोर्ट के आभारी है, जिन्हेंाने आरोपी को सजा सुनाई। ३५ साल बाद उन लोगों को न्याय मिला है, जिनके परिजन इस घटना के शिकार हुए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उन्हेांने इस मामले को लेकर एक कमेटी गठित की, जिससे हमें न्याय मिलना। उन्हेांने मांग करते हुए कहा कि अब जो भी इस घटना में लिप्त थे उन्हें भी सख्त से सख्त सजा मिले। अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने कहा कि इन दंगों में जिनके घर उजड़े थे, सरकार उनका पुनर्वास करें। वहीं प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाए। राजस्थान यूथ विंग के अध्यक्ष सरदार देवेन्द्रसिंह शंटी ने प्रमुख पार्टियों से मांग की है कि जो भी इस दंगे के आरोपी हैं, उन्हें उच्च पदों पर नहीं बिठाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को उच्च पदों पर बिठाया जाता है तो सिख समाज उसका विरोध करेगा।

Girraj Sharma Desk
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