तकनीकी खामी छीन रही निवाला

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पॉस मशीनों में आ रही तकनीकी खामी के चलते जिले में आमजन को खाद्यान्न के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा के पात्र को राशन की दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

By: afjal

Published: 16 Dec 2015, 01:53 AM IST

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पॉस मशीनों में आ रही तकनीकी खामी के चलते जिले में आमजन को खाद्यान्न के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य सुरक्षा के पात्र को राशन की दुकानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

 बूंदी शहर की करीब 15 से अधिक दुकानों पर मशीनें उपभोक्ताओं का डाटा अन्य दुकानों के दर्शा रही है। उपभोक्ता का नाम अन्य दुकान पर प्रदर्शित होने से खाद्यान्न नहीं मिल रहा। कई मशीनों में स्टॉक दोगुना दर्ज हो गया। 

अचानक बढ़े स्टॉक को देखकर दुकानदार की सांसे फूल रही है। वहीं ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या के चलते मशीनें ठप हो गई। मशीन के नहीं चलने से राशन डीलर के सामने वितरण की समस्या पैदा हो रही है। 

राशन डीलर को  दिए फार्मेट
जिला रसद अधिकारी ने राशन डीलर को एक फार्मेट दिया है। जिसे दो दिन में भरकर उन्हें रसद विभाग में जमा कराना होगा। फार्मेट में सभी राशन डीलर से उन उपभोक्ताओं की सूची मांगी है, जिनके नाम पॉस मशीन में दूसरी राशन की दुकान पर प्रदर्शित हो गए। 

ऐसे  उपभोक्ताओं की सूची राशन डीलर को जिला रसद अधिकारी को देनी होगी। इसके बाद विभाग के स्तर पर एनआईसी के जरिए  सूचियों में नामों को दुरुस्त किया जाएगा। ताकि उपभोक्ताओं को खाद्यान्न लेने में कोई परेशानी नहीं हो।

गांवों में करवा रहे प्रमाणित
जिले के कई गांवों व दूर दराज के इलाकों में स्थित राशन की दुकानों पर पॉस मशीनें कनेक्टिविटी नहीं आने से चल नहीं पा रही। ऐसे में रसद विभाग ने संबंधित दुकान के लिए सरपंच, सचिव व पटवारी से प्रमाणित होने पर रजिस्टर द्वारा वितरण की सुविधा दी है।

ताकि गांवों में आ रही परेशानी का समाधान हो सके। जिन गांवों से प्रमाण पत्र आ रहा है वहां पर उपभोक्ताओं को रजिस्टर के जरिए खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है।

तकनीशियन का नहीं मिला फायदा
जिलेभर के राशन डीलर को दी गई पॉस मशीनें लिंकवेल टेली सिस्टम हैदराबाद की है। कंपनी की ओर से हाल ही में 11 दिसम्बर को सॉफ्टवेयर इंजीनियर मोहम्मद अजरूद्दीन को नियुक्त किया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की देरी से हुई नियुक्ति भी वर्तमान में आ रही तकनीकी खामी में समय रहते सुधार नहीं होने का एक बड़ा कारण है।

वहीं डिस्ट्रीक्ट कोर्डिनेटर भूपेन्द्र सिंह भटनागर व प्रत्येक ब्लॉक पर एक व्यक्ति कम्प्यूटर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए लगाया है। जिले में तकनीशियनों की व्यवस्था होने के बाद भी राशन डीलर मशीन में आ रही तकनीकी समस्या से जूझ रहे हैं। तकनीकी खराबी वाली मशीनें ठीक नहीं हो रही है। इससे राशन डीलर व उपभोक्ता दोनों परेशान हैं।

राशन डीलर को नहीं दिया प्रशिक्षण
इधर, जिलेभर के राशन डीलर को पॉस मशीनों के संचालन से संबंधित प्रशिक्षण नहीं दिया। प्रशिक्षण के अभाव में कई दुकानदार को मशीन का संचालन ही समझ नहीं आ रहा। ऐसे में प्रत्येक ब्लॉकवार दुकानदारों को मशीन के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। ताकि दुकानदार की समस्या का समाधान हो सके। 

फैक्ट फाइल
कुल दुकानें - 401
पॉस मशीनें- 397
कुल राशन कार्ड -323232
खाद्य सुरक्षा पात्र - 55526 
गेहूं की सप्लाई- 3889     एमटी

 राशन डीलर से अन्य दुकान में प्रदर्शित होने वाले उपभोक्ताओं की सूची मांगी है। दो दिन में निर्धारित फार्मेट में नाम मिलने पर उन्हें तत्काल एनआईसी के जरिए सही कराया जाएगा।

अधिक स्टॉक दिखाने वाली मशीनों को सही करा दिया, डीलर से तकनीकी खराबी वाली मशीनें मांगी है। जहां कनेक्टिविटी नहीं है वहां पर सरपंच, सचिव व पटवारी से प्रमाणित होने पर खाद्यान्न वितरण हो रहा है।
ओमप्रकाश पाण्डे, जिला रसद अधिकारी, बूंदी

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