जब तिरुप​ति मंदिर खुल गया तो हमारे यहां मंदिर क्यों बंद है ?

विधायक कालीचरण सराफ ने छोटी काशी के मंदिरों को नहीं खोलने पर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जब तिरुपति का मंदिर, सांई बाबा मंदिर, पद्मावती का मंदिर खुल गया तो जयपुर में मंदिरों को खोलने में कहां दिक्कत है। शहर में मोतीडूंगरी गणेशजी, गोविंददेवजी, ताड़केश्वरजी सहित केवल 8 से 10 मंदिर ऐसे हैं जहां पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था करनी होगी।

By: Umesh Sharma

Published: 30 Jun 2020, 04:39 PM IST

जयपुर।

विधायक कालीचरण सराफ ने छोटी काशी के मंदिरों को नहीं खोलने पर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि जब तिरुपति का मंदिर, सांई बाबा मंदिर, पद्मावती का मंदिर खुल गया तो जयपुर में मंदिरों को खोलने में कहां दिक्कत है। शहर में मोतीडूंगरी गणेशजी, गोविंददेवजी, ताड़केश्वरजी सहित केवल 8 से 10 मंदिर ऐसे हैं जहां पुलिस और प्रशासन को व्यवस्था करनी होगी।

उन्होंने कहा कि विभिन्न कॉलोनियों के छोटे-छोटे मंदिरों को खोला जाना चाहिए। साथ ही बड़े मंदिरें को भी खोला जाए। इन बड़े मंदिरों में सरकार को सुरक्षा के इंतजाम करने चाहिए, ताकि सोशल डिस्टेसिंग की पालना हो सके। सराफ ने आरोप लगाया कि सरकार ने मॉल्स खोले हैं, लेकिन उन पर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है, जिसकी वजह से मॉल्स में सोशल डिस्टेसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

कानून बनाने वाले ही सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ा रहे धज्जियां

सराफ ने आरोप लगाया कि कानून बनाने वाले ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कोरोना काल में जहां एक और राज्य सरकार जनता को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाती है वहीं दूसरी तरफ धरना—प्रदर्शन करके खुलेआम नियमों की अवेहलना की जाती है। हाल ही भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में 50 लोंगों से अधिक लोंगों के सम्मिलित होने पर स्थानीय प्रशासन द्वारा 6.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है और इसी तरह सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने वालों पर प्रतिदिन प्रशासन द्वारा पेनल्टी लगाई जाती है।

Umesh Sharma Reporting
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