कांग्रेस में 10 हजार से ज्यादा टिकटधारी होंगे राजनीतिक नियुक्तियों की दौड़ से बाहर

-90 निकायों के चुनाव संपन्न होने के बाद तीस हजार जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के लिए फिर से शुरू होगी कवायद, नगर निगम, पंचायत समिति और स्थानीय निकायों में टिकट पा चुके नेताओं को राजनीतिक नियुक्तियों से बाहर होने के संकेत

 

By: firoz shaifi

Published: 12 Jan 2021, 12:16 PM IST

फिरोज सैफी/जयपुर।

सरकार बनने के बाद से राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं का इंतजार अब और लंबा होने वाला है। दरअसल जिला स्तर पर होने वाली 30,000 से ज्यादा राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद अब दोबारा से शुरू करने के संकेत प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने दिए हैं।

जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद फिर से शुरू करने का जिम्मा पीसीसी के जिला प्रभारियों को दिया गया है जो स्थानीय विधायकों के साथ राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट किए जाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं के नामों की सिफारिश करेंगे। हालांकि पार्टी के अंदर खाने चल रही चर्चाओं की माने तो अभी तक जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्ति नहीं होने
सबसे बड़ी वजह है कार्यकर्ताओं की संख्या लाखों में होना ,जबकि जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियां महज 30 हज़ार हैं। ऐसे में किसे एडजस्ट किया जाए किसे नहीं? इसी असमंजस के चलते राज नियुक्तियां अटकी हुई हैं।


वहीं दूसरी ओर राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सत्ता और संगठन ने एक फार्मूला तैयार कर बीच का रास्ता निकाला है जिसके लिए स्थानीय निकाय चुनाव संपन्न होने का इंतजार किया जा रहा है।

जिन्हें टिकट मिला वो राजनीतिक नियुक्तियों से बाहर
सूत्रों की मानें तो पार्टी में तय हुए एक फॉर्मूले के मुताबिक जिन कार्यकर्ताओं को नगर निगम, पंचायत समिति, जिला परिषद और स्थानीय निकाय चुनाव में टिकट मिल चुका है उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों से बाहर रखा जाएगा। अकेले इसी माह हों रहे 90 निकायों के तीन हज़ार से ज्यादा से ज्यादा वार्डों में चुनाव हो रहे हैं। पार्टी यहां 3 हज़ार से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को टिकट देगी।


ऐसे में एक मोटे अनुमान के मुताबिक छह नगर निगम, जिला परिषद चुनाव, पंचायत चुनाव और बीते साल दिसंबर माह में हुए 50 निकायों और अब 90 निकायों में लगभग 10 हज़ार नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट देकर चुनावों में खपाने की बात कही जा रही है।

चर्चा है कि 10 हज़ार से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को चुनावों में खपाने के बाद जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के लिए छंटनी की जाएगी। जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं दिया गया है उन नेताओं को जिला स्तरीय राज नियुक्तियों में एडजस्ट किया जाएगा। हालांकि कहा जा रहा है कि जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों के लिए 90 निकायों में टिकट वितरण होने के बाद नए सिरे से कवायद शुरू होगी।

नई कवायद से हड़कंप
वहीं जिला स्तरीय राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद दोबारा शुरू करने के प्रदेश प्रभारी अजय माकन के बयान के बाद जिलों में संगठन के उन नेताओं और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ जो जिला स्तर पर विधायकों और अन्य नेताओं के द्वारा पहले तैयार की गई सूचियों में स्वयं को एडजस्ट मानकर चल रहे थे, लेकिन अब जिला प्रभारियों के द्वारा राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद दोबारा शुरू करने और सूचियां दोबारा तैयार करने से फिर से नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियुक्तियों में एडजस्ट होने के लिए भागदौड़ करनी पड़ेगी।

firoz shaifi Desk
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