रोजगार के नाम पर ,बेरोजगारों के साथ होने लगी ठगी की  वारदात

जयपुर. कोरोना महामारी की वजह से उधोग-धंधे चौपट होने से (The cheating incident took place with the unemployed) बेरोजगार हुए युवाओं से रोजगार के नाम पर ठगी की वारदात होने लगी है।

By: vinod sharma

Published: 20 Jul 2020, 10:40 AM IST

जयपुर. कोरोना महामारी की वजह से उधोग-धंधे चौपट होने से (The cheating incident took place with the unemployed) बेरोजगार हुए युवाओं से रोजगार के नाम पर ठगी की वारदात होने लगी है। जयपुर सहित अन्य स्थानों पर रोजगार देने के नाम पर गिरोह ठगी की वारदात करने लगा है। जयपुर में एक सप्ताह में चार वारदात हो चुकी है, जिनकी जांच पुलिस के अधिकारी कर रहे हैं। इसके अलावा दर्जनों लोगों ने शिकायत ही दर्ज नहीं कराई है। उल्लेखनीय कि कोरोना काल में लॉक डाउन लगने के बाद अनेक कारखाने, फैक्ट्री बंद हो गई, जिससे हजारों की संख्या में युवक बेरोजगार हुए है। इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर ठगी की जा रही है। इसके अलावा अॉनलाइन ठगी की वारदात भी तेजी से पनपी है। जिनसे से भी सावधार रहने जरूरत है।


फोन कर आवेदन भराया, फिर उड़ाए रुपए
जयपुर के प्रतापनगर निवासी बृजेश कुमार गुप्ता लॉक डाउन के दौरान बेरोजगार हो गए, वे नौकरी की तलाश में लगे हुए है। रविवार शाम उनके पास एक कॉल आया, जिसने निजी बैंक में नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए वाट्सएप पर आवेदन पत्र भेज दिया, गुप्ता ने आवेदन पत्र दिया। इसके कुछ देर बाद ही फोन करने वाले आरोपी ने आवेदन पत्र के दस रुपए फोन पे भेजने को कहा, बताया कि आवेदन पत्र का शुल्क दस रुपए है, जो जमा कराना पड़ेगा। गुप्ता ने अपने फोन पे दस रुपए का भुगतान कर दिया तथा एक लिंक में इसका उल्लेख भी कर दिया। इसके कुछ देर बाद ही पीड़ित बृजेश गुप्ता के खाते से 1980 रुपए रुपए पार हो गए। रूपए निकलने का मैसेज मिलने के बाद ठगी की वारदात का पता चला। इस प्रकार की ठगी की प्राथमिकी प्रतापनगर थाने में दर्ज कराई गई है।
नौकरी के नाम पर ठगी
धौलपुर निवासी युवती छोटा कुमारी के साथ भी ठगी की वारदात हुई। युवती ने बताया कि रोजगार की तलाश के दौरान दो दिन पहले ही एक नम्बर से फोन आया, जिसने नौकरी दिलाने की बात कही। आरोपी ने विभिन्न प्रकार के झांसे दिए, जिनकी चपेट में वह आ गई। इसके लिए आरोपी ने कुछ रुपए मांगे, रुपयों का भुगतान अानलाइन तरीके से कर दिया गया। लेकिन उसके बाद से आरोपी का नम्बर बंद आ रहा है। पीड़िता ने इसकी प्राथमिकी बजाजनगर थाने में दर्ज कराई है।


सावधानी की जरुरत है
लॉक डाउन के बाद से हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हो गए हैं। जिन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के नाम पर फंसाया जा रहा है। रोजगार के लिए आवेदन करने वालों को सावधानी की जरुरत है। क्योंकि रोजगार देने वाली कोई भी आवेदन करने वालों से पैसों का लेन-देन का वादा नहीं करती है। जिस भी कंपनी में आवेदन के नाम पर भुगतान कर रहे हैं, उसके बारें में पहले अधिकृत जानकारी जुटाए, जैसे की उसका आफिस कहा, संचालक कौन है, किस प्रकार का काम मिलेगा। पैसे जमा करा दिए, फिर भी रोजगार नहीं मिला तो पैसे वापस कौन करेगा। रोजगार के लिए आवेदन करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

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