सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरा घनी आबादी वाला रामगंज, मुश्किल है सोशल डिस्टेंसिंग!

जयपुर. भीलवाड़ा में कोरोना पर काबू पाने में कामयाबी की ओर बढ़ रही राजस्थान सरकार अब रामंगज को लेकर चिंता में है क्योंकि राज्य में सबसे अधिक घनी आबादी वाला यह इलाका सोशल डिस्टेंसिंग आर्डर लागू करने के लिए मुफीद नहीं है। अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह का मानना है कि विभाग के लिए रामगंज सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरा है, क्योंकि इस क्षेत्र का स्वरूप अलग है। यह घनी आबादी वाला है। लोग यहां निकटता में रहते हैं और सामाजिक दूरी बनाए रखना उनके लिए काफी मुश्किल है।

By: Subhash Raj

Published: 06 Apr 2020, 09:44 PM IST

उल्लेखनीय है कि रामगंज में रविवार को एक कोरोना रोगी की मौत के बाद, उसके पड़ोसियों सहित लगभग 60 लोगों को दो बसों में संगरोध केंद्र भेजा गया था। यहां रहने वाले लगभग 10,000 परिवारों की स्क्रीनिंग की गई। इस बीच जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के कैंटीन के संचालक के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद कैंटीन को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की और कहा कि वायरस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए कैंटीन के स्टोर रूम को भी सील कर दिया गया है।
कैंटीन का संचालक रामगंज का निवासी है, जो इस क्षेत्र में लगभग 70 रोगियों के साथ कोरोनोवायरस के केंद्र के रूप में उभरा है। वह पिछले कई दिनों से खांसी और जुकाम से पीडि़त है, हालांकि नियमित रूप से अपनी कैंटीन का संचालन करता रहा, जहां प्रिंसिपल ऑफिस और वायरोलॉजी लैब के मेडिकल स्टाफ सहित अन्य स्टाफ सदस्य भोजन करते देखे जाते थे।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि कैंटीन और उसके स्टोर रूम को सील कर लिया गया है, जबकि उसके संपर्क में आए अस्पताल के लगभग 50 स्टाफ सदस्यों को क्वारंटीन किए जाने के लिए कहा गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तक इन स्टाफ सदस्यों के संपर्क में आए 50 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जबकि अन्य का पता लगाया जा रहा है।

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