विवाद के बीच कृषि मंत्री ने कहा, परीक्षण के बाद सरकार तय करेगी कहां बिकेगा लहसुन

लहसुन की नीलामी भामाशाहमंडी में शुरू करने को लेकर चल रहे थोक फल सब्जी मंडी के व्यापारियों के विरोध के बीच कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी ने कहा कि किसानों के हित में कहां लहसुन बेचना है, इसका फैसला किया जाएगा। किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिले, एेसी व्यवस्था की जाएगी।

By: shailendra tiwari

Published: 19 Dec 2015, 10:49 PM IST

लहसुन की नीलामी भामाशाहमंडी में शुरू करने को लेकर चल रहे थोक फल सब्जी मंडी के व्यापारियों के विरोध के बीच कृषि मंत्री प्रभूलाल सैनी ने कहा कि किसानों के हित में कहां लहसुन बेचना है, इसका फैसला किया जाएगा। किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिले, एेसी व्यवस्था की जाएगी।

भामाशाहमंडी के दौरे के दौरान सैनी ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि विभागीय अधिकारियों से इस बारे में चर्चा की जाएगी। भामाशाहमंडी के व्यापारियों का प्रतिवेदन मिला है, इसका परीक्षण करवाया जाएगा। किसानों को जहां भी अधिक दाम मिलेगा, वहां लहसुन की बिक्री की जाएगी। विरोध के सवाल पर कहा कि मंडियां किसानों को उचित दाम दिलाने के लिए बनाई जाती हैं।

उधर कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अविराश राठी ने कृषि मंत्री व सांसद ओम बिरला को भामाशाहमंडी में लहसुन बेचने से कैसे किसानों को फायदा होगा, इसका तथ्यात्मक प्रतिवेदन दिया।

बताया कि लहसुन मसाला श्रेणी में आता है। कोटा में इसकी प्रोसेसिंग शुरू होगी तो किसानों को अधिक दाम मिलेंगे। भामाशाहमंडी में पर्याप्त क्षमता के छायादार नीलामी यार्ड है। इसलिए विपणन में कोई दिक्कत नहीं आएगी।

एसोसिएशन ने कहा कि राज्य सरकार ने इस कृषि जिंस को फल-सब्जी मंडी के लाइसेंस की श्रेणी में डाल रखा है। इससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिलता वहीं 6 प्रतिशत की आढ़त किसान की कमर तोड़ देती है।
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shailendra tiwari Desk
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