विधायक के घर धूप में खड़े रहे बच्चे

गैर सरकारी संस्था के विद्यार्थियों का धरना

By: pushpendra shekhawat

Published: 10 Nov 2017, 09:52 PM IST

जयपुर . आदर्शनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के निवास पर शुक्रवार को स्वयंसेवी शिक्षण संस्था संघ, राजस्थान ने 150 से अधिक तीन गैर सरकारी संस्था में अध्यनरत विद्यार्थियों के साथ विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। शुक्रवार सुबह विधायक के निवास पर पहुंचे बच्चों ने पौन घंटे से ज्यादा समय धूप में खड़े रहे और विधायक का इंतजार किया। इस बीच बच्चों ने हाथों में सीबीएसई की पुस्तकें हटाना आघात, लाखों विद्यार्थियों के साथ विश्वासघात, हम चाहते हैं समान शिक्षा पद्धति और सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से आपका प्यार, निजी स्कूलों के विद्यार्थियों से सौतेला व्यवहार लिखे स्लोगन वाले पोस्टर के जरिए अपना विरोध जताया।

 

यह भी पढें : प्रदूषण का कहर, अब नहीं जला सकेंगे भूसा, राजस्थान समेत चार राज्यों पर लगाई रोक

 

विद्यार्थियों व संस्थान के पदधिकारियों ने विधायक से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को दी जाने वाली सुविधा जैसे लैपटॉप, साइकिल, नि:शुल्क किताबें देने, सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को मिलने वाली एफडी की सुविधा समान रूप से गैर सरकारी संस्थाओं की छात्राओं को भी मिलने, समान शिक्षा पद्धति और उच्च माध्यमिक स्तर तक नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने जैसी मांगें सामने रखी।

 

यह भी पढें : एटीएस मुख्यालय में गिरफ्तार आरोपित ने पेट और गला चीरा

 

आप जहां फीस देते हो, सुविधा वहां से ही मांगों
विधायक ने बच्चों की मांगों को सुनकर किताबों की सुविधा जल्द ही मुहैया कराने का आश्वासन दिया। वहीं लैपटॉप, साइकिल की सुविधा को लेकर विधायक ने बच्चों से कहा कि जहां आप फीस दे रहे है, वहीं से ये सुविधा मांगें। विधायक ने कहा कि सरकार को विद्यालय से मिलने वाली फीस से ही सुविधाएं प्रदान की जाती है।

 

यह भी पढें : नशीली और नकली दवाओं का जखीरा पकड़ा

 

यह बताई पीड़ा

संस्थान के पदाधिकारियों के अनुसार शिक्षा के प्रचार प्रसार में गैर सरकारी विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। माध्यमिक स्तर तक नि:शुल्क शिक्षा देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है। लेकिन सरकार आर्थिक संकट के कारण इस दायित्व को पूरा नहीं कर पा रही है। सरकारी स्कूलों में पांचवी के विद्यार्थियों का स्तर दूसरी कक्षा के बराबर है। इस स्थिति के कारण बाध्य होकर विद्यार्थियों को निजी विद्यालय में प्रवेश लेना पड़ता है।

pushpendra shekhawat Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned