दो पुलिस जवानों की हत्या करने वाला सरगना चढ़ा पुलिस के हत्थे

भीलवाड़ा में पुलिस जवानों पर की थी फायरिंग

By: Lalit Tiwari

Published: 18 Apr 2021, 04:51 PM IST

अजमेर रेंज और स्पेशन ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भीलवाड़ा में दो जवानों की हत्या करने के मामले में मुख्य सरगना को पकड़ा हैं। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि 10 अप्रेल को कोटडी क्षेत्र में सूचना मिली कि नन्दराय की तरफ से आ रही दो पिकअप व दो स्कॉपियो बहुत तेजी से आ रही हैं। इन गाड़ियो में मादक पदार्थ हो सकता हैं। सूचना पर कोटडी से पुलिस स्टाफ रवाना होकर नाकाबंदी करने पहुंचा तो दो गाड़ियों को आता हुआ देखकर पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। हादसे में कांस्टेबल ऊंकार रायका के सीने में गोली लगने से उपचार के दौरान मौत हो गई। सूचना पर अजमेर रेंज के महानिरीक्षक एस.सेंगथिर और भीलवाड़ा एसपी विकास शर्मा के नेतृत्व में नाकाबंदी करवाई गई। करीब 2 बजे रायला थाने के जाप्ते ने दो गाड़ियों को पीछा करना शुरु किया। इस पर बदमाशों ने घात लगाकर अत्याधुनिक हथियारों से फायरिंग कर दी। हादसे में कांस्टेबल पवन की मौत हो गई। आरोपी फायरिंग करने से डोडा पोस्त से भरी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए। जबकि एक गाड़ी खेडा भीम राजसमंद से जब्त की गई।

इस तरह पकड़ा-
पुलिस जवानों की मौत के बाद पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों को चिन्हित किया। पुलिस ने 80 हजार से अधिक मोबाइल नम्बरों और 40 हजार मोबाइल उपकरणों का तुलनात्मक विश्लेषण किया। 750 कैमरों को चैक किया गया। पुलिस ने 200 से अधिक लोगों से पूछताछ की तो मतवालों की ढाणी बिलाड़ा निवासी सुनील डूडी पुत्र ओपाराम विश्नोई का नाम सामने आया। इस पर पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने की तो उसके फलौदी तहसील में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस ने आरोपी सुनील को फलौदी तहसील के खारा गांव की एक ढाणी से खेत पर बने मकान पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।

पिस्तौल लेकर खड़ा था आरोपी
जिस समय पुलिस टीम उसे पकड़ने गए तो आरोपी सुनील हाथ में पिस्तौल लिए खड़ा हुआ नजर आया। इस पर टीम ने उसे मय पिस्टल और जिंदा कारतूस के बाद पकड़ा लिया।

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Lalit Tiwari Desk
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