पहले दुर्घटना में बेटा गंवाया, फिर क्लेम में मिली रकम भी हाथ से गई

पहले दुर्घटना में बेटा गंवाया, फिर क्लेम में मिली रकम भी हाथ से गई
पहले दुर्घटना में बेटा गंवाया, फिर क्लेम में मिली रकम भी हाथ से गई

Manoj Kumar Sharma | Updated: 10 Oct 2019, 12:54:05 AM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

चिटफंड का चूना : आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, कई परिवारों ने गंवाई जीवन भर की कमाई
जमा राशि लेने के लिए लगा रहे चक्कर, ब्याज तो दूर मूल पूंजी भी नहीं मिल रही

अजमेर. भविष्य सुरक्षित करने के लिए ज्यादा मुनाफे के फेर में धन राशि जमा कराई थी, मगर अब भविष्य के साथ वर्तमान भी खराब हो गया। मासूम बेटे की मौत के बाद मिली दुर्घटना बीमा की क्लेम राशि को भी इसमें दांव पर लगा दिया। ऐसे कोई एक या दो नहीं बल्कि अजमेर व आसपास के क्षेत्र में सैकड़ों परिवार है, जो आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (चिटफंड कम्पनी) में निवेश के बाद जमा धन नहीं मिलने से पछता रहे हैं। पीडि़तों को अब न्यायालय से न्याय की उम्मीद है।

केस संख्या : एक
बेटे की मौत पर मिली रकम भी लगी दांव पर

ब्यावर के बाबरा निवासी पैंतालीस वर्षीय सेडेन्द्रसिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में उनके बेटे की मौत हो गई और उसके परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष व दुर्घटना क्लेम में धन राशि मिली। इस राशि को परिवार की सुरक्षा के लिए उसने ब्यावर में आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि. में जमा करवा दिया। अपने नाम 1.18 लाख तो पत्नी के नाम 1.56 लाख जमा कराए। दोनों की मियाद पूरी होने के बाद भी भुगतान नहीं मिल रहा। कम्पनी के दफ्तर गया मगर वहां ताला लगे मिले। उसने बताया कि बेटे की मौत के बाद परिवार पहले से ही सदमे में है और ऐसे में बीमा राशि भी डूब गई तो उसका परिवार टूट जाएगा।

केस : दो
पेंशन में मिली राशि के पांच लाख गंवाए

अजमेर के पसन्द नगर कोटड़ा निवासी पैंसठ वर्षीय सुरेश बाबू वर्मा ने बताया कि वे रेल डाक सेवा में कर्मचारी थे। दिसम्बर 2017 में सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति में मिली रकम में से ढाई लाख अपने और ढाई लाख रुपए बेटे धर्मेन्द्र के नाम से आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड में निवेश कर दिया। रकम डेढ़ साल के लिए जमा कराई, ताकि बेटी की शादी में पैसा मिलने पर काम लिया जा सके। समय पूरा होने पर रकम के लिए कम्पनी के दफ्तर गए तो पता चला कि कम्पनी बंद है और चक्कर काट रहे है।

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केस संख्या : तीन
बचत कर जोड़े 1.20 लाख, नहीं मिल रहे

अजयनगर, नेहरू कॉलोनी निवासी जितेन्द्र टेकचन्दानी (31) ने बताया कि वह फटे पुराने नोट बदलने का काम करते है। परिवार की सुरक्षा के लिए कुछ बचत कर एक लाख 20 हजार रुपए आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि. में निवेश कर दिया। रकम डेढ़ साल के लिए जमा कराई। समय पूरा हो गया लेकिन अब तक जमा राशि नहीं मिल पाई है।

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केस : चार
जीवनभर की कमाई डूबी

रेम्बुल रोड क्रिश्चयन गंज निवासी सत्तर वर्षीय मदनसिंह भाटी ने बताया कि आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लि. में खुद के नाम से 4.5 लाख रुपए, पत्नी के नाम से 3.5 लाख, बेटी के नाम से 3.5 लाख रुपए जमा करवाए। यह रकम रेलवे से रिटायर्ड होने पर मिली थी और जीवनभर की कमाई थी। जरूरत पडऩे पर पारिवारिक कार्य में रकम का उपयोग करने के लिए सोसायटी में जमा कराई, लेकिन अब उसके लिए ही चक्कर काटने को मजबूर है।

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