जयपुर शहर में बढ़ेगी महिला पार्षदों की भागीदारी ,महिलाओं को बंधी उम्मीद


अब होगा उनकी समस्याओं का समाधान

By: Rakhi Hajela

Published: 18 Oct 2020, 07:49 PM IST

जयपुर नगर निगम चुनाव में पहली बार महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखने को मिलने वाली है। इस बार पिछले बोर्ड की तुलना में 50 महिला अधिक पार्षद बनकर बोर्ड में पहुंचेगी। खास बात यह है कि दोनों नगर निगमों में महिलाओं के लिए वार्ड आरक्षित हो गए हैं। जिसके चलतेअब महिलाओं को भी उम्मीद बंधी है कि यदि उनके वार्ड की पार्षद महिला बनती है तो वह न केवल उनकी समस्याओं को समझेगी बल्कि उसका समाधान भी करवा सकेगी इसलिए इस बार महिलाएं भी नगर निगम चुनाव में रुचि ले रही हैं। आपको बता दें कि जयपुर में पहली बार बने दो नगर निगम के 250 वार्ड में से 83 महिलाएं जयपुर से पार्षद चुनी जाएंगी। ग्रेटर नगर निगम के 50 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं। जबकि हैरिटेज नगर निगम में 33 महिलाएं पार्षद बनेंगी। यानी जयपुर शहर में महिला पार्षदों की कुल भागीदारी 250 में से 83 रहेगी।

महिलाओं के लिए आरक्षित सीट
अगर सिविल लाइंस हैरिटेज की बात करें तो यहां वार्ड ३६ सामान्य महिला और वार्ड.40 एससी महिला, वार्ड ५९ ओबीसी महिला, वार्ड ५२,५३ और ५४ सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। एेसे में अब महिलाओं को भी उम्मीद जगने लगी है कि यदि उनके वार्ड में महिला पार्षद चुनकर आती हैं तो वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझ सकेगी और उसका समाधान भी करवा सकेंगी।

जो करे समस्याओं का समाधान
देखने में आता है कि जो महिलाएं चुनाव में खड़ी होती है उनमें से अधिकांश पढ़ी लिखी नहीं होती। दरअसल उनके पति या परिवार का कोई सदस्य उन्हें अपने स्थान पर खड़ा कर देता है। बेहतर हो एेसी महिला को टिकट मिलना चाहिए जो पढ़ी लिखी समझदार हो, जिससे वह आमजन की परेशानी को समझ सकेगी और उन्हें दूर करने का प्रयास कर सकेगी। यदि एेसी कोई महिला खड़ी होती है तो मैं उसे वोट दूंगी।
अर्चना गुप्ता, वार्ड 53

वोट लेने के लिए करते हैं वादे
इस बार जब बरसात हुई थी तो कॉलोनी के घरों में पानी घुस गया था, कई दिनों तक लोग पानी नहीं निकला। हर साल यही होता है। कोई सुनवाई नहीं होती। जनप्रतिनिधियों को केवल चुनाव के समय हमारी याद आती है। ना निगम से कोई आया। यहां सरकारी पानी की सप्लाई है कई बार बोरिंग खराब हो जाती है तो कई कई दिनों तक ठीक नहीं होती। घर के सामने लगी स्ट्रीट लाइट की कम्पलेन मैंने खुद कितनी ही बार की, १५ दिन के बाद लाइट सहीं हो सकी। वोट लेने के समय सभी को अपने वादे याद आते हैं होता कुछ भी नहीं है। इस बार यहां की सीट महिला के लिए रिजर्व है देखना है इस बार क्या होता है।
सुनीता गोयल, वार्ड 52

महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं अगर हमारे वार्ड से महिला चुनी जाती है तो अवश्य वो हमारी बात सुनेगी। जहां तक समस्याओं की बात है तो इस वार्ड में समस्याओं का अंबार है। सीवरेज को सबसे बड़ी समस्या है इसके साथ ही सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। पूरे वार्ड का हाल एेसा जैसा है, जगह जगह से सड़क टूटी पड़ी है।
शालिनी बेढ़ीवाल, वार्ड 54

सीवरेज, पानी, सड़क इस वार्ड के यह तीन बड़े मुद्दे हैं। हम इन्हीं के आधा पर अपना वोट देंगे। इस बार यदि इस सीट पर कोई महिला चुनकर आती है तो संभावना है कि वो हमारी समस्याओं का सुनकर उनका समाधान भी कर सके।
सुनीता शर्मा

Rakhi Hajela Desk
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