शॉपिंग मॉल्स की परेशानी बड़ी, नहीं लौट रहे खरीदार

लॉकडाउन ( lockdown ) में ढील के बावजूद जून में मॉल्स ( shoping malls ) की ओर लोगों ने रूख नहीं किया, जिससे इन मॉल्स ( malls ) में स्थित दूकानों ( shop ) का कारोबार 80 फीसदी तक घट गया। कुछ दुकानदारों ( shopkeepers) का कहना है कि अगर लोगों ने यूं ही मॉल्स ने दूरी बनाए ( business down ) रखी तो किराया भी दे पाना मुश्किल हो जाएगा, जिसका परिणाम यह होगा कि दुकानें बंद करनी पड़ेगी। दूसरी तरफ बाजारों की दुकानों का कारोबार भी 50 से 60 फीसदी गिर गया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण ( Corona's increasing infecti

By: Narendra Kumar Solanki

Published: 22 Jun 2020, 12:00 PM IST

जयपुर। लॉकडाउन में ढील के बावजूद जून में मॉल्स की ओर लोगों ने रूख नहीं किया, जिससे इन मॉल्स में स्थित दूकानों का कारोबार 80 फीसदी तक घट गया। कुछ दुकानदारों का कहना है कि अगर लोगों ने यूं ही मॉल्स ने दूरी बनाए रखी तो किराया भी दे पाना मुश्किल हो जाएगा, जिसका परिणाम यह होगा कि दुकानें बंद करनी पड़ेगी। दूसरी तरफ बाजारों की दुकानों का कारोबार भी 50 से 60 फीसदी गिर गया है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण लोगों ने घर से निकलना काफी कम कर दिया है, जिससे बाजारों की चहल-पहल नगण्य सी हो गई है।
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) की एक ताजा रिपोर्ट में भी यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कोरोना वायरस के चलते मार्च में लागू पाबंदियों में ढील दिए जाने के बावजूद बाजार की छोटी-बड़ी दुकानों तथा स्टोरों के कारोबार में अभी सुधार नहीं हुआ है। यह एसोसिएशन संगठित क्षेत्र की खुदरा कंपनियों का मंच है। आरएआई के सर्वे में छोटी-बड़ी 200 से अधिक खुदरा दुकानदारों की राय शामिल की गई है। पाबंदियों में जून के शुरू में ढील दी गई और 70 दिन से अधिक समय के बाद बाजार खुलने लगे हैं। आरएआई का कहना है कि उपभोक्ताओं का उत्साह अब भी गिरा हुआ है।

उपभोक्ता खर्च में आई बड़ी गिरावट
देश में हर पांच में से चार उपभोक्ताओं का मानना है कि पाबंदियां हटने के बाद भी उपभोक्ता खर्च में पहले की तुलना में काफी कमी है। मॉल्स में स्थित रेस्टोरेंट की बिक्री भी 70 फीसदी गिर गई है। कपड़े और परिधान की खुदरा बिक्री 69 फीसदी और घड़ी और अन्य व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुओं का कारोबार 75 फीसदी तक नीचे आ गया है। व्यापायिों का कहना है कि बाजार धीरे-धीरे खुलने जरूर लगे है। केंद्र सरकार ने अर्थव्यस्था को पुन:चालू करने के लिए पाबंदी हटाने का अच्छा फैसला किया है पर राज्यों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। उन्हें यह देखना होगा कि सभी प्रकार की खुदरा दुकानें नियमित रूप से चल सकें।

Narendra Kumar Solanki Desk
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