राज्य सरकार केवल झुंझुना बजाने के लिए बनी है-चौधरी

प्रदेश में टिड्डी दल के हमले को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ढिलाई को जिम्मेदार ठहरया है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हर मामले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केन्द्र को जिम्मेदार ठहराते हैं। क्या उनकी सरकार सिर्फ झुंझुना बजाने के लिए है ? क्या गहलोत सरकार जनता की सेवा भी करेगी ?

By: Umesh Sharma

Published: 23 May 2020, 07:52 PM IST

जयपुर।

प्रदेश में टिड्डी दल के हमले को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की ढिलाई को जिम्मेदार ठहरया है। केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हर मामले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत केन्द्र को जिम्मेदार ठहराते हैं। क्या उनकी सरकार सिर्फ झुंझुना बजाने के लिए है ? क्या गहलोत सरकार जनता की सेवा भी करेगी ? उन्होंने कहा कि मामले में जितनी जिम्मेदारी भारत सरकार की है, उतनी ही राजस्थान सरकार की भी है।

चौधरी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शनिवार को हुई प्रेस वार्ता में कहा कि केन्द्र ने राष्ट्रीय कृषि विका योजना के तहत 14 करोड़ रुपए दिए हैं। इसके अलावा पहला मौका है जब सरकार ने दवा छिड़काव के लिए ड्रोन की अनुमति ली है। दवा छिड़कने के लिए नई 55 गाड़ियां खरीद की प्रक्रिया जारी है। लॉक डाउन की वजह से मामला थोड़ा लेट हो गया हैं इसके अलावा राजस्थान के लिए 800 ट्रैक्टर भी दिए है। इन सबको एनडीआरएफ के तहत कवर किया है। पहली बार एनडीआरएफ में ट्रैक्टर किराया भी शामिल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली बार राज्य सरकार की ढिलाई रही, जिसकी वजह से एसडीआरएफ के तहत फण्ड काम नहीं आया। उन्होंने कहा कि पेस्टीसाइड का सरकार के पास स्टॉक है।

पड़ोसी देशों से भी चर्चा

चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईराक और भारत इस मामले को लेकर आपस में चर्चा कर रहे हैं। सभी ने चिंता जताई है कि अभी और भी टिड्डी हमले हो सकते हैं। टिड्डी से फसल को बचाने के लिए हम हैलिकॉप्टर से भी दवा छिड़काव पर विचार कर रहे हैं। आर्मी के हैलिकॉप्टर से दवा स्प्रे की कवायद हो रही है।

अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते

टिड्डी नियंत्रण के काम को केंद्र पर छोड़ने के सवाल पर चौधरी ने कहा कि राजस्थान एग्रीकल्चर पेस्टी डिज़ीज एक्ट 1954 को सरकार को देखना चाहिए। इसमें कलक्टर को व्यवस्था करने की शक्तियां दी गई हैं। रेगिस्तान में पेस्टीसाईड का उपयोग केंद्र करता है, लेकिन जहां बसावट हैं वहां इस काम के लिए कलक्टर को अधिकृत किया गया है। बसावट वाले क्षेत्र में कम ज़हरीली दवा का इस्तेमाल होता है। ऐसे में राज्य अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।

कोई खामी नहीं रही

जयपुर और दौसा तक टिडिडयों के प्रकोप और चेतावनी में खामी रहने के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि कहीं कोई खामियां नहीं रही। इनकी रिपोर्ट निरंतर मिलती है, हर सोमवार को मीटिंग होती है, लेकिन पाकिस्तान ऐसा देश है, जहां से सूचना नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने अच्छा काम किया, नहीं तो ये पश्चिम बंगाल तक पहुंच सकती थी।

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Umesh Sharma Reporting
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