राज्य सरकार ने निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में दिशा.निर्देश जारी किए


सरकार ने जारी किया आशय पत्र
विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्थाई निधि की स्थापना किया जाना आवश्यक

By: Rakhi Hajela

Updated: 07 Sep 2020, 07:42 PM IST


राज्य सरकार की ओर से जयपुर में नवीन निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए महात्मा ज्योतिबा फूले विद्यापीठ समिति को आशय पत्र जारी किया गया है। अधिनियम में उल्लेखित शर्तों को पूरा करने के बाद समिति को निजी विश्वविद्यालय शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त शासन सचिव डॉक्टर मोहम्मद नईम ने बताया कि दिशा.निर्देशों के तहत अधिनियम के शर्तों के तहत यह आशय पत्र जारी किया गया है। इसके अनुसार नए विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्थाई निधि की स्थापना किया जाना आवश्यक होगा। इसके अलावा विश्वविद्यालय के लिए समीपस्थ स्थान पर न्यूनतम 30 एकड़ भूमि उपलब्ध होनी चाहिए तथा प्रशासनिक तथा अकादमिक गतिविधियों के लिए न्यूनतम 10 हजार वर्ग मीटर पर इमारत का निर्माण कार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि न्यूनतम 10 लाख रुपए अथवा विनियामक निकाय के मानकों के अनुरूपए जो भी राशि ज्यादा हो उतनी किताबों तथा जनरल आदि की खरीद के लिए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा इमारत के अतिरिक्त कम्प्यूटर, फर्नीचर व अन्य चल तथा अचल सम्पत्तियों पर न्यूनतम 20 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।
देनी होगी अंडरटेकिंग
नए विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए समिति को अन्डरटेकिंग देनी होगी कि पहले 3 साल में लाइब्रेरी की सुविधाएं समकालीन शिक्षा तथा रिसर्च के लिए पर्याप्त हों यह सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम 50 लाख रुपए किताबों, जनरल, कम्प्यूटर, लाइब्रेरी नेटवर्किंग, तथा अन्य सुविधाओं के लिए खर्च किए जाएंगे, पहले पांच साल में इमारत के अलावा उपकरण, कम्प्यूटर,फर्नीचर, अन्य चल एवं अचल सम्पत्ति तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर न्यूनतन एक करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किए जाने वाले प्रत्येक विभाग में कम से कम एक प्रोफेसर, 2 रीडर्स, पर्याप्त संख्या में व्याख्याता तथा सहयोगी स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।

संयुक्त शासन सचिव इन राशियों तथा विनियामक निकाय के मानकों के अनुरूप तय राशि में से जो भी राशि ज्यादा हो उसके अनुसार ही पालना की जाएगी। इसके अतिरिक्त यह अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि विद्यार्थियों के लाभ के लिए सह शैक्षणिक गतिविधियां जैसे खेलए एनएसएस, एनसीसी, सेमिनार,डिबेट्स, क्विज कार्यक्रम संचालित किये जाएंगे, भविष्य निधि की स्थापना की जाएगी तथा विश्वविद्यालय के कार्मिकों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम चलाए जाएंगे।

Rakhi Hajela Desk
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