आश्वासन के बाद धरना किया समाप्त, हॉस्टल बंद करने के निर्णय का विरोध

कुलपति बोले, मैं आपके साथ
आश्वासन के बाद रात साढ़े तीन बजे समाप्त किया धरना
विद्यार्थियों ने लिया निर्णय, खाली नहीं करेंगे छात्रावास
छात्रावास खाली करने के निर्णय के विरोध में धरने पर थे छात्र
राजस्थान विवि में कुलपति आवास के बाहर दिया था धरना

By: Rakhi Hajela

Published: 20 Apr 2021, 08:26 AM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर।
प्रदेश में लगे Curfew और लगातार बढ़ रहे कोविड के संक्रमण के बीच राजस्थान विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से हॉस्टल खाली करने के आदेशों के विरोध में धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने अपना रात तकरीबन साढ़े तीन बजे अपना धरना समाप्त कर लिया। कुलपति निवास के बाहर धरने पर बैठे विद्यार्थियों की कुलपति राजीव जैन से हॉस्टल बंद किए जाने के मुद्दे को लेकर वार्ता हुई। तकरीबन एक घंटे से अधिक समय तक चली इस वार्ता के बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। विद्यार्थी परिषद के प्रदेशमंत्री होशियार मीणा का कहना था कि कुलपति ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह छात्रों के साथ हैं और उनकी समस्या को देखते हुए उचित निर्णय किया जाएगा। वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि वह किसी भी स्थिति में छात्रावास खाली नहीं करेंगे।
खाली नहीं करेंगे छात्रावास
धरनारत विद्यार्थियों का कहना था कि सभी छात्रावासों के विद्यार्थियों ने निर्णय लिया है कि हम सभी इन्हीं छात्रावासों में रहेंगे और किसी भी छात्रावास को खाली नहीं करेंगे। उनका कहना था कि प्रदेश में लगे कफ्र्यू के बीच अपने घरों तक पहुंचना किसी के लिए भी आसान नहीं होगा। यहां केवल राजस्थान के नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों के छात्र भी रह रहे हैं।

कैसे जमा होगी थिसिस
धरने में शामिल रिसर्च स्कॉलर्स का कहना था कि थिसिस जमा करवाने के लिए उन्हें केवल एक माह का समय मिला है यदि उन्हें हॉस्टल खाली करना पड़ा तो ना तो थिसिस पूरी हो सकेगी और ना ही वह उसे समय से जमा करवा सकेंगे। इतना ही नहीं घर जाने पर उनकी पढ़ाई भी बाधित होगी। अधिकांश छात्र ग्रामीण इलाके से हैं जहां ना इंटरनेट की सुविधा है और ना ही लाइट की।
क्या कोविड संक्रमण का खतरा लेकर पहुंचेगे घर
जो छात्र बाहरी राज्यों से हैं उन्हें अपना कोविड टेस्ट करवाना होगा और यदि किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो वह छात्र अपने घर तक नहीं पहुंच सकेगा उसे यही आइसोलेशन में रहना पड़ेगा। हॉस्टल छोडऩे के बाद ऐसे छात्र कहां जाएंगे इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ नहीं सोचा। यदि वह किसी तरह अपने घरों तक पहुंच भी जाते हैं तो वहां 14 दिन के लिए आइसोलेट होना पड़ेगा। वह अपने साथ कोविड के संक्रमण का खतरा लेकर घर पहुंचेंगे क्या विवि प्रशासन गारंटी लेगा कि रास्ते में उनमें से कोई भी कोविड के संक्रमण की चपेट में नहीं आएगा।
आइसोलेशन सेंटर बनाए विवि
विद्यार्थियों का कहना था कि डीबीएन हॉस्टल के मात्र एक छात्र को कोविड हुआ था जिसे आइसोलेट कर दिया गया। वर्तमान में सभी छात्र सुरक्षित हैं, सभी अलग अलग कमरों में रह रहे हैं। बेहतर होगा कि सभी छात्रों की फिर से जांच कर विवि के बंद पड़े गेस्ट हाउस को आइसोलेशन सेंटर बनाया जाए, यदि कोई विद्यार्थी पॉजिटिव आता है तो उसे वहां आइसोलेशन में रखा जा सके।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned