कच्ची बस्तियों में शरण लेने वाले आरोपितों पर पुलिस कसेगी शिकंजा

कच्ची बस्तीयों में शरण लेने वाले आरोपितों पर पुलिस शिकंजा कसने जा रही है।

By: rajesh walia

Published: 10 Feb 2018, 05:53 PM IST

जयपुर।

बाहरी राज्यों में अपराध कर शहर की कच्ची बस्तीयों में शरण लेने वाले आरोपितों पर पुलिस शिकंजा कसने जा रही है। पुलिस ये अंदेशा जता रही है कि अपराध के बाद अपरोपित कच्ची बस्तियों में ही शरण लेते है। निगरानी और लगातार छानबीन न होने की वजह से आरोपितों के लिए कच्ची बस्तियां सुरक्षित जगह बन गई है। जहां ये अपना नाम और पहचान तक बदलकर सालों काट देते हैं। अगर कारणवश पहचान हो जाए तो ही पुलिस इन कच्ची बस्तियों से आरोपितों को ढूढ़ निकाल पाती है।

वर्तमान में स्थानीय थाना पुलिस के पास...
वर्तमान में स्थानीय थाना पुलिस के पास कच्ची बस्तियों में रह रहे लोगों के बारे में कोई जानकारी तक नहीं है। यही कारण है कि राजधानी मेें कई प्रमुख कच्ची बस्तियां है जहां पर असामाजिक गतीविधियां हो रही हैं। ऐसे में अगर कोई बड़ी घटना शहर में हो जाए तो पुलिस हरकत में आती है और कच्ची बस्तियों की छानबीन करती है। आदर्श थाना इलाके में हुई बैंक लूट के बाद पुलिस ने जवाहर नगर व आमागढ़ कच्ची के लोगों से पूछताछ की थी।

केस 1 टोंक जिले के कोतवाली थाने से...
टोंक जिले के कोतवाली थाने से फरार चल रहा स्थाई वारंटी बाबूलाल अपनी पहचान बदलकर रामसिंह राजपूत के नाम से जवाहर नगर कच्ची बस्ती में रह रहा था। बीते दिनों टोंक पुलिस ने जवाहर नगर थाना पुलिस के सहयोग से आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

केस - 2 शांति पथ जवाहर नगर...
गत वर्ष शांति पथ जवाहर नगर पर एक व्यक्ति की आंख में मिर्ची डालकर लूट की वारदात हुई। जिसका आरोपित कई महीनों में जवाहर नगर कच्ची बस्ती में छुपा रहा। पुलिस ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया था।

केस - 3 ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आमागढ़ कच्ची बस्ती...
गत वर्ष ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आमागढ़ कच्ची बस्ती में नाबालिग से दुष्कर्म की घटना हुई थी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था जिसे पुलिस ने आमागढ़ की पहाड़ी से गिरफ्तार किया था। जांच में पता लगा था कि आरोपी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और जयपुर की आमागढ़ कच्ची बस्ती में रह रहा था।

rajesh walia Desk/Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned