जरूरत से ज्यादा सोचना सही नहीं

ऐसा करने से आप जीवन में छोटी-छोटी खुशियों का आनंद नहीं ले पाते।

By: Kiran Kaur

Published: 10 May 2021, 11:01 AM IST

हम सभी के साथ ऐसा कभी न कभी होता है कि परिस्थितियों को देखते हुए जरूरत से ज्यादा सोचने लगते हैं। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो कि लगातार सोचते ही रहते हैं। हर बात पर विचार करते रहना आपको जीवन के अन्य पहलुओं और खुशियों से दूर करने लगता है। आप छोटी-छोटी खुशियों का आनंद भी नहीं ले पाते क्योंकि ध्यान हर समय किसी चिंता की ओर लगा रहता है। इससे आपका काम और जीवन दोनों ही प्रभावित होते हैं।
शारीरिक और मानसिक थकान: हर समय सोचते रहने से मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। ऐसे लोग जो हमेशा सोचते रहते हैं, वे शारीरिक और मानसिक रूप से थकान महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वे अपनी ऊर्जा सोचने में लगाते हैं। कई अध्ययनों में पाया गया है कि ओवरथिकिंग आपके तनाव को बढ़ाती है, जिसका असर कार्यक्षमता पर भी पड़ता है।
इस स्थिति से स्वयं को बाहर निकालें: हम बीते समय में हुई गलतियों या बुरे हादसों की वजह से अत्यधिक सोचते रहते हैं। ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि व्यक्ति बीते समय में जाकर उन्हें बदल नहीं सकता इसलिए वह उनके बारे में सोचता रहता है। जब वर्तमान में बीती हुई बुरी घटनाएं फिर से होने की
आशंका रहती है तो व्यक्ति उनके बारे में सोचता है और परेशान होता रहता है। इस स्थिति से स्वयं को बाहर निकालें।
परिस्थितियों का सामना : महामारी ने कई प्रकार की अनिश्चितताएं दी हैं। ऐसे में हमारे मन में बुरे विचार आते रहते हैं। लेकिन आपको मजबूती के साथ इन परिस्थितियों का सामना करना होगा, तभी आप इनसे उभर पाएंगे।
नए तरीके से सोचें: जब परेशान होते हैं तो क्या-क्या गलत हो सकता है, इस पर ज्यादा सोचते हैं। लेकिन यदि आप क्या-क्या सही किया जा सकता है, इस पर विचार करेंगे तो स्थिति ज्यादा बेहतर होगी।

Kiran Kaur Desk
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