जीरे की आवक घटी, कमजोर रहेगी फसल

जीरे की आवक घटी, कमजोर रहेगी फसल

Veejay Chaudhary | Publish: Sep, 05 2018 11:52:55 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

मंडियों में हड़ताल खत्म

जयपुर. एनसीडैक्स पर जीरा मंदा होने से व्यापारियों में एक बार फिर चिंता का माहौल है। हाजिर में जीरा मंदा नहीं हुआ है, लेकिन स्टॉकिस्टों की लिवाली में जरूर रुकावट देखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि जीरे की तेजी-मंदी उत्तरी गुजरात में आने वाले दो सप्ताह के मौसम पर निर्भर करेगी। उत्तरी गुजरात में चालू मानसून सीजन के दौरान अभी तक काफी कम बारिश हुई है। उधर तुर्की एवं सीरिया में इस बार जीरे की फसल कमजोर आई है। वर्तमान में मीडियम कटिंग लूज जीरा 220 रुपए तथा बेस्ट कटिंग 250 रुपए प्रति किलो बेचा जा रहा है। गुजरात की ऊंझा मंडी में जीरे की आवक घटकर तीन हजार बोरी के आसपास रह गई है। बांग्लादेश के लिए निर्यातकों की मांग निकलने से जीरे में फिर से मजबूती के संकेत बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जीरे की कीमतें आकर्षक बनी हुई हैं। रुपया कमजोर होने से भी जीरा निर्यातकों को फायदे का सौदा साबित हो रहा है।

कृषि मंत्री ने दिया आश्वासन

जयपुर. भारत सरकार और राजस्थान सरकार की गलत नीतियों के विरोध में राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के आह्वान पर जारी पांच दिवसीय हड़ताल बुधवार को खत्म हो गई।
राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबू लाल गुप्ता ने बताया कि बुधवार को व्यापारियों का प्रतिनिधी दल राज्य कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी से मुलाकात की। सैनी की ओर से आडतियों की आड़त २ प्रतिशत से बढ़ाकर २.२५ प्रतिशत करने, यूडी टैक्स खत्म करने और खरीद पर आड़त की मांग को केन्द्र सरकार के सामने पुरजोर से उठाने के आश्वासन के बाद व्यापारियों ने हड़ताल खत्म कर दी। गुप्ता ने बताया कि 5 दिन बन्द के कारण राज्य के व्यापारियों का 8000 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ, राज्य सरकार को इससे 300 करोड़ रुपए के राजस्व प्रभावित होने की आशंका है। राज्य के व्यापारियों का 160 करोड़ रुपए के मुनाफे का नुकसान हुआ हैं।

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