छह मुख्य न्यायाधीश बदल गए, मगर नहीं बदली हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था

छह मुख्य न्यायाधीश बदल गए, मगर नहीं बदली हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था

Shailendra Agarwal | Publish: Oct, 13 2018 11:38:36 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 11:38:37 PM (IST) जयपुर, Rajasthan, India

-हाईकोर्ट ने 9 साल से फाइलों में चल रहे प्रस्ताव की ओर पुलिस आयुक्त का फिर दिलाया ध्यान

हाईकोर्ट में 9 साल में 6 मुख्य न्यायाधीश बदल गए, मगर हाईकोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था नहीं बदल पाई है। न्यायालय परिसरों में सुरक्षा के यह हालात केवल हाईकोर्ट तक ही सीमित नहीं है, प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में पेशी के दौरान विभिन्न घटनाएं भी सामने आती रहती है। हाल ही हाईकोर्ट परिसर में मनु की मूर्ति पर काला रंग छिड़कने की घटना से सुरक्षा का मुद्दा फिर सुलग गया है। हाईकोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर जयपुर पुलिस आयुक्त को चेताया है और 9 साल पुराने सुरक्षा बढ़ाने के प्रस्ताव की पालना कराने को कहा है।
हाईकोर्ट सहित प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में पिछले सालों में वकील व पक्षकारों की आवाजाही बढ़ी है, लेकिन सुरक्षा का मुद्दा गौण है। सालों से न न्यायालय परिसरों की सुरक्षा की समीक्षा की गई है और न ही सुरक्षा बढ़ाने के प्रस्ताव पर ध्यान दिया गया। राजधानी के हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा को लेकर तो हालात यह है कि सुरक्षा बढ़ाने के प्रस्ताव पर गृह विभाग सहमति दे चुका, लेकिन वित्त विभाग की सहमति नहीं मिलने से प्रस्ताव 9 साल से फाइलों में अटका है।
आए दिन होती है टकराव की घटनाएं
प्रेम विवाह के मामलों को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं की संख्या बढ़ रही हैं और 10 साल में कई ऐसे मौके आ चुके, जब प्रेम विवाह करने वाली युवतियों को उनके परिवार द्वारा जबरन ले जाने का प्रयास किया गया। युवतियों से बदसलूकी की घटनाएं भी आए दिन होती रहती हैं। इन घटनाओं पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए हैं, लेकिन अधीनस्थ अदालतों में जहां कई बार छिपकर पेशी करानी पड़ती है वहीं हाईकोर्ट से प्रेमी युगल को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भी पुलिस परिसर से भीड़ छंटने का इंतजार किया जाता है।
महिला पुलिस की कमी सामने आई
हाल ही हाईकोर्ट परिसर में मनु की मूर्ति पर काला रंग छिड़कने की घटना के समय महिला पुलिस की कमी बाधा बनकर सामने आई। महिला पुलिस के हाईकोर्ट के मुख्य भवन से आने पर ही दोनों आरोपित महिलाओं को रोका जा सका। महिलाओं की आवाजाही बढऩे पर भी अदालत परिसरों में महिला सुरक्षाकर्मियों की कमी है। हाईकोर्ट परिसर तक में स्थिति यह है कि केवल मुख्य भवन में ही महिला सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
बार-बार आग्रह, पर नहीं बढ़ी सुरक्षा
18 अगस्त 09-हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जगदीश भल्ला के समय जयपुर स्थित हाईकोर्ट परिसर के लिए गृह विभाग ने 3 उपनिरीक्षक, 15 हेड कांस्टेबल, 20 कांस्टेबल व 22 बॉर्डर होम गार्ड के पद बढ़ाने पर स्वीकृति दी। इसके अलावा 6 सहायक उपनिरीक्षक, 4 हेड कांस्टेबल व 7 महिला कांस्टेबल बढ़ाने पर सहमति दी, लेकिन इनकी तैनाती अब तक नहीं हुई।
17 दिसम्बर 2011- हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश अरुण मिश्रा के समय प्रमुख गृह सचिव को 2 हेड कांस्टेबल, सादा वर्दीधारी 3 एएसआइ तथा सीसीटीवी पर निगरानी के लिए दो प्रशिक्षित पुलिस कर्मी लगाने का आग्रह, लेकिन अब तक तैनाती नहीं।
9 साल में यह रहे मुख्य न्यायाधीश
-9 साल में जगदीश भल्ला, अरुण मिश्रा, अमिताभ रॉय, सुनील अंबवानी, सतीश कुमार मित्तल व नवीन सिन्हा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे और वर्तमान में प्रदीप नंद्राजोग हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश हैं। इनके अलावा न्यायाधीश अरुण मिश्रा व न्यायाधीश नवीन सिन्हा वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

Ad Block is Banned