परिचित बनकर किया फोन, फिर फोन पे से उड़ाए 35 हजार रुपए

जयपुर. आनलाइन ठगी की वारदात थमने का नाम ही नहीं ले रही। (Throw 35 thousand rupees from phone) आरोपियों ने एक और युवक के फोन से 35 हजार रुपए उड़ा लिए।

By: vinod sharma

Published: 24 Jul 2020, 08:34 AM IST

जयपुर. आनलाइन ठगी की वारदात थमने का नाम ही नहीं ले रही। (Throw 35 thousand rupees from phone) आरोपियों ने एक और युवक के फोन से 35 हजार रुपए उड़ा लिए। गणगौरी बाजार निवासी रजत बाछल के मोबाइल पर गत दिनों किसी ने परिचित बनकर उसके हाल पूछे तथा वाट्सएप पर मैसेज डालकर उसे देखने को कहा। पीड़ित ने मैसेज को देखा देखे, इसके कुछ देर बाद उसके मोबाइल पर ओटीपी नम्बर आया। आरोपी ने पीड़ित को जाल में फंसाकर बात ही बातों में ओटीपी नम्बर पूछ लिए। ओटीपी नम्बर बताते ही रजत बछल के खाते से 35 हजार रुपए पार हो गए। फोन पे से 35 हजार रुपए पार होने का पता चलने पर आनलाइन ठगी की वारदात का पता चला। उसके पास जिस नम्बर से मैसेज आया उस पर कॉल किया, लेकिन वह मोबाइल नम्बर बंद आ रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में आनलाइन ठगी की वारदात आए दिन सामने आ रही है। लगातार मामले सामने आने के बाद भी लोग आरोपियों के झांसे में आ रहे हैं। जिससे ठगी की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही है। थानों में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तार नहीं हो पाती है। जिससे भी आरोपी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देते हैं।


जयपुर. नशीला पदार्थ पिलाकर युवती के साथ बलात्कार करने का मामला सामने आया है। अब आरोपी अश्लील वीडियो व फोटो वायरल करने की धमकी भी दे रहा। इस प्रकार का मामला भट्टा बस्ती थाने में पीड़िता ने दर्ज कराया है। जिसमें आरोप लगाया कि आरोपी से उसकी साधारण जान-पहचान थी। एक दिन मिलने के लिए अज्ञात स्थान पर बुला लिया, जहां कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। जिससे वह अचेत हो गई। अचेत अवस्था में आरोपी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान आरोपी ने अश्लील वीडियो व फोटो भी कैमरे से बना लिया। बाद में उसके वाट्सएप पर वीडियो व फोटो मिले तब इसका पता चला। आरोपी आए दिन वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है।

नाहरगढ पुलिस ने उनियारों का रास्ता के समीप संचालित कारखानों से बाल श्रमिक मुक्त कराए। पुलिस को जानकारी मिली कि ढाबे तथा चूडी कारखानों में कुछ बालकों से श्रम कराया जा रहा है। जिस पर पुलिस ने चूडी कारखाने में छापा मारा, जहां बालक काम करते मिले। पुलिस बाल श्रमिकों को थाने लेकर आ। जहां श्रम विभाग के अधिकारियों को उन्हें सुपुर्द किया गया।बाल श्रमिकों ने पुलिस को बताया कि लॉक डाउन के समय वे गांव जाना चाहते थे, लेकिन कारखाना संचालकों ने गांव जाने नहीं दिया। दिन-रात काम कराया जाता तथा मानदेय का भुगतान भी नहीं किया है। पुलिस ने चूड़ी कारखाना संचालक आलम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

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