डिजिटल करेंसी के नाम पर 32 लाख की ठगी

जोधपुर के 3 आरोपियों पर मामला दर्ज

By: Veejay Chaudhary

Published: 07 Jun 2018, 08:35 PM IST

 

जयपुर. डिजिटल करेंसी को लेकर आए दिन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। असली रुपए जमा कर डिजिटल करेंसी में रोज एक फीसदी का मुनाफा देने का झांसा देकर जोधपुर के तीन आरोपियों ने राजधानी के लोगों से 32 लाख रुपए से ज्यादा ठग लिए। 8 पीडि़तों ने मनोज पटेल उर्फ मानव शर्मा पीपाड़ (जोधपुर), देवाराम चौधरी बिलाड़ा (जोधपुर), अचलाराम चौधरी, जोधपुर के खिलाफ वैशालीनगर थाने में ठगी का मामला दर्ज करवाया है। पीडि़तों में लेखराज नायक झोटवाड़ा, कमल यादव शिल्प कॉलोनी, हजारीलाल मीणा जालसू (जयपुर), अमित बंसल , सीताराम मीणा गणेश कॉलोनी (झोटवाड़ा), ज्ञानाराम गुर्जर जालसू, राजेश कुमावत जोबनेर , राजेश शर्मा जालसू निवासी हैं।

 

ऐसे फांसते थे

पुलिस के अनुसार पिछले साल 13 अगस्त को बीटीएस एडीएस प्रो कंपनी का सेमिनार हुआ। सेमिनार के बाद लेखराज और अन्य ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोपियों ने बताया कि निवेश करने पर डिजिटल करेंसी की ट्रेडिंग होगी। जो लाभ होगा उसे खाते में ऑनलाइन शिफ्ट कर दिया जाएगा। यह मुनाफा डिजीटल डॉलर के रूप में इलेक्ट्रोनिक वॉलेट सिस्टम में जाएगा। आईडी 24 हजार से लेकर 8 लाख तक की बताई गई। पीडि़तों ने नकद, चेक से करीब 32 लाख निवेश कर दिए। संचालकों का दबाव बढ़ा तो परिचितों की आईडी भी लगवा दी।

 

पहले भी हो चुकी है ठगी

इससे पहले भी क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर सैकड़ों लोगों को चपत लगा चुके गाजियाबाद के दंपती ने फ्रेंचाइजी के नाम पर भी 40 लाख रुपए की ठगी की थी। दंपती के खिलाफ वैशालीनगर थाने में एक और मामला दर्ज हुआ है। गाजियाबाद की माया इन्फोटेक कंपनी के मालिक पवन ठाकुर (48) और उसकी पत्नी मृदुला (39) फिलहाल झोटवाड़ा थाने में क्रिप्टोकरेंसी मामले में रिमांड पर चल रहे हैं। अभी इस तरह के और भी मामले निकलकर आ सकते हैं। पीडि़त सुनील कुमार, दीपक शर्मा, सुरेश चंद सैनी आदि ने बताया कि दो साल पहले कंपनी के दो प्रमोटर सुभाष, वेदप्रकाश आदि ने मामला दर्ज करया।

Veejay Chaudhary Editorial Incharge
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