अलवर में एक इंच बरसे मेघ .........

जयपुर में आज सुबह सीबी क्लाउड सिस्टम से 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चली उत्तर पूर्वी हवाएं......

हवा में नमी बढ़ने से जयपुर में आज सुबह चार डिग्री लुढ़का पारा

By: anand yadav

Published: 06 Jun 2018, 12:55 PM IST

जयपुर। प्रदेश के आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश ने मौसम का मिजाज पलट दिया। दिन में जहां आसमान से आग बरस रही है तो बीती रात बरसी राहत की बौछारों ने गर्मी से राहत दिलाई। बीती रात अलवर,बारां, सीकर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और नागौर में मेघगर्जन के साथ हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटे में पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही रहने और हल्की बारिश होने की संभावना है वहीं पश्चिमी इलाकों में धूलभरी हवाएं चलने और कुछ इलाकों में दिन का तापमान 42— 45 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।

 

बीते चौबीस घंटे में अलवर में एक इंच पानी बरसा जिसके चलते रात का तापमान 22 डिग्री रिकॉर्ड हुआ जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा है। वहीं श्रीगंगानगर में रात का तापमान 23.2 डिग्री रहा और आज सुबह तक 18.5 मिलीमीटर पानी बरसा। मैदानी इलाकों में कोटा 33.5,जोधपुर 32.2, बीकानेर 31.2 और डबोक में न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है।

 

 


राजधानी में बीती रात जहां शहरवासी गर्मी और उमस से बेहाल रहे वहीं आज तड़के 25 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली उत्तर पूर्वी हवा ने शहर के मौसम का मिजाज बदल दिया। बीते सोमवार को न्यूनतम तापमान 34.6 डिग्री रहा वहीं बीती रात मौसम के बदले मिजाज से रात के तापमान में पारा पांच डिग्री गिरकर 29.1 डिग्री सेल्सियस पर ठहर गया। आज सुबह 5.30 बजे शहर का तापमान 34 डिग्री रहा जो हवा की रफ्तार बढ़ते ही 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ वहीं सुबह नौ बजे तक भी अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर ही जमा रहा। जयपुर स्थित मौसम केंद्र के अनुसार चौमूं कस्बे के पास बने सीबी क्लाउड सिस्टम के असर से राजधानी में आज मौसम का मिजाज बदला है। तेज हवा का रुख अब दौसा जिले की ओर हो गया है वहीं बादलों की आवाजाही शुरू होने से आज शहर में मेघगर्जन के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की भी संभावना है।

 

 


क्या होता है सीबी क्लाउड सिस्टम
मौसम विभाग के अनुसार मौसम विज्ञान में बादलों की नौ श्रेणी विभाजित हैं जिसमें सबसे सर्वोत्तम सीबी क्लाउड माना जाता है। इसमें बादल का बेस एक किलोमीटर और उसकी मोटाई 8—10 किलोमीटर की होती है और क्लाउड सिस्टम एक्टिव होने पर आंधी—अंधड़ चलने व मेघगर्जन के साथ छितराए इलाकों में बौछारें गिरती हैं।

 

 

anand yadav Desk
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