तंबाकू बना युवाओं के लिए फैशन

तंबाकू बना युवाओं के लिए फैशन
Tobacco Products

Anil Chauchan | Updated: 08 Aug 2019, 06:40:09 PM (IST) Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

Rajasthan में Tobacco Products की Sale को लेकर लगाए गए Laws का पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है। यही नहीं बल्कि इस संबंध में कार्रवाई करने वाले Responsible Officer भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई Tobacco उत्पाद तो ऐसे हैं जिन पर 85 Percent Legal warnings का पालन भी नहीं हो पा रहा है। Schools और Hospitals के सामने धडल्ले से तंबाकू Products बेचे जा रहे हैं। E-Cigaret को लेकर भी कुछ दिन के लिए Health Department ने कार्रवाई की और अब बंद पड़ी है।

जयपुर . प्रदेश ( Rajasthan ) में तंबाकू उत्पादों ( tobacco Products ) की बिक्री ( Sale ) को लेकर लगाए गए कानूनों ( Laws ) का पूरी तरह से पालन नहीं हो पा रहा है। यही नहीं बल्कि इस संबंध में कार्रवाई करने वाले जिम्मेदार अधिकारी ( responsible officer ) भी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई तंबाकू ( Tobacco ) उत्पाद तो ऐसे हैं जिन पर 85 प्रतिशत ( 85 percent ) वैधानिक चैतावनी ( Legal Warnings ) का पालन भी नहीं हो पा रहा है। स्कूलों ( schools ) और अस्पतालों ( hospitals ) के सामने धडल्ले से तंबाकू उत्पाद ( Products ) बेचे जा रहे हैं। ई-सिगरेट ( E-Cigaret ) को लेकर भी कुछ दिन के लिए स्वास्थ्य विभाग ( health department ) ने कार्रवाई की और अब बंद पड़ी है।

यह है नियम
- स्कूलों के आस-पास 200 मीटर तक तंबाकू बेचना वर्जित
- अस्पतालों के आस-पास नहीं होगी तंबाकू की दुकान
- महीने के आखिरी दिन नहीं बिकेंगे तंबाकू उत्पाद
- तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर 85 फीसदी होगी वैधानिक चेतावनी
- तंबाकू की दुकानों पर लगाना होगा चेतावनी का बोर्ड
- 18 वर्ष से कम वालों को नहीं बेचा जाएगा तंबाकू

देशभर में हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसके बाद पूरे साल तक तंबाकू निषेध कानून की धज्जियां उड़ाई जाती है। कानून का कठोर पालन नहीं होने के कारण आज युवाओं और यहां तक की महिलाओं में तंबाकू के सेवन की प्रवृति लगातार बढ़ रही है। युवाओं के सामने तंबाकू का सेवन एक फैशन बन गया है। नियम के अनुसार अस्पतालों और स्कूलों के बाहर पान-गुटखा व अन्य तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्णतया प्रतिबंध है लेकिन स्कूलों और अस्पतालों के सामने तंबाकू उत्पादों की बिक्री कहीं ज्यादा होती है। अस्पतालों के परिसर में धुम्रपान करने वाले व गुटखा खाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है।

अधिकारी बैठे हैं आखें मूंदे
- नहीं हो रहा है नियमित निरीक्षण
- स्कूलों के पास खुले में बेचा जा रहा है तंबाकू
- अस्पतालों के परिसर में नहीं है तंबाकू सेवन पर रोक
- दुकानों पर नहीं लगे हैं चेतावनी बोर्ड

बीएमजे ग्‍लोबल हेल्‍थ की ओर से किए गए सर्वे के मुताबिक सिगरेट पीने की लत की वजह से भारत में हर साल 10 लाख लोगों की मौत होती है। वहीं, इस मामले में वल्र्ड हेल्‍थ आर्गेनाइजेशन का कहना है कि तंबाकू उत्‍पादों की वजह से होने वाली बीमारियों पर भारत में सालाना 16 अरब रुपए लोगों के उपचार पर खर्च किए जाते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से तंबाकू उत्पादों पर 85 फीसदी वैधानिक चेतावनी की अधिसूचना को सही ठहराया है।

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