सरकार पूरी तरह स्थिर, CM गहलोत का नेतृत्व है और आगे भी रहेगा: विश्वेन्द्र सिंह

पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस ऑडियो टेप की बात की जा रही है, वह पूरी तरह एडिट किया हुआ है।

By: santosh

Updated: 13 Aug 2020, 10:21 AM IST

जयपुर। पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि जिस ऑडियो टेप की बात की जा रही है, वह पूरी तरह एडिट किया हुआ है। गजेन्द्र सिंह और किसी मित्र से बात नहीं हुई।

पहले एसओजी में मामला गया और अब एसीबी में डाल दिया गया है। हम न्यायालय भी गए। अब हमें एसीबी पर पूरा भरोसा है। जल्द दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।

पूर्व मंत्री ने एक समाचार चैनल के साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली हम सरकार गिराने नहीं अपनी परेशानी आलाकमान को बताने के लिए गए थे। आलाकमान ने उनकी बात सुनी। सरकार पूरी तरह स्थिर है और रहेगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नेतृत्व है और आगे भी रहेगा।

पूर्व मंत्री सिंह ने कहा कि उन्हें जो बागी कहा जा रहा है, वो पूरी तरह गलत है। बागी वो होते हैं तो पार्टी के खिलाफ बोलते हैं। हमने पार्टी या नेतृत्व के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोला। पार्टी के प्रति निष्ठा को हम अच्छी तरह जानते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार में केबिनेट मंत्री होने के साथ संगठन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष था। मेरे विभाग में क्या स्थिति थी। सभी जानते हैं। कई बार विभाग के हालात ट्वीट के जरिए भी बताए। घोषणा पत्र के अनुसार काम नहीं हो रहा था। सत्ता और संगठन में तालमेल नहीं था।

राजस्थान में कांग्रेस की खासी मुश्किल हल होती दिख रही है। अब मंत्रिमंडल विस्तार व संगठन के पुनर्गठन की जिम्मेदारी तीन सदस्यीय कमेटी संभालेगी। पायलट खेमे से हटाए गए दोनों विधायकों को फिर से मंत्री बनाने का फैसला भी यही कमेटी करेगी।

करीब 7 महीने पहले कांग्रेस ने सरकार और सत्ता में तालमेल के लिए समन्वय समिति बनाई थी। इस समिति की एक ही बैठक हो सकी और यह सरकार के संकट को टालने में विफल रही। इससे सबक लेकर कांग्रेस ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।

इस कमेटी को ज्यादा शक्ति दी जा रही है। इस कमेटी के सामने पायलट व उनके समर्थक विधायकों के अलावा अन्य विधायक भी अपनी शिकायत या समस्या रख सकेंगे। कमेटी सभी नेताओं से चर्चा कर समस्या समाधान और नेताओं में संतुलन बनाने का काम करेगी। यह कमेटी ही मंत्री पद से हटाए नेताओं को मंत्री पद देने या नहीं देने पर फैसला करेगी। हालांकि कमेटी की सिफारिश पर मंत्रिमंडल फेरबदल व संगठन का पुनर्गठन पर अंतिम फैसला आलाकमान का ही होगा।

सूत्रों ने बताया कि कमेटी के सदस्यों के नामों की घोषणा जल्द होगी। इसके लिए कांग्रेस में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल किसी का नाम तय नहीं है, लेकिन जिस तरह से संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और कोषाध्यक्ष अहमद पटेल ने इस प्रकरण में भूमिका निभाई है, उससे यह संकेत मिलता दिख रहा है कि इन दोनों को कमेटी में शामिल किया जा सकता है। वहीं समन्वय समिति की तरह इसमें राजस्थान के किसी भी नेता को शामिल नहीं किया जाना तय माना जा रहा है।

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