सदन में पर्यटन व्यवसाय संशोधन विधेयक 2021 पारित, विपक्ष ने गिनाई खामियां

पर्यटन मंत्री डोटासरा ने कहा, इस कानून से पर्यटकों को मिलेगी लपकों से राहत, नाथी का बाड़ा पर राठौड़-डोटासरा में नोंक-झोंक

By: firoz shaifi

Published: 13 Sep 2021, 09:42 PM IST

जयपुर। विधानसभा में सोमवार को विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच राजस्थान पर्यटन व्यवसाय संशोधन विधेयक 2021 को बहुमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इससे पहले विपक्षी सदस्यों ने इस विधेयक की कई खामियां गिनाईं।

राजस्थान पर्यटन व्यवसाय संशोधन विधेयक पर चर्चा के बाद सदन में सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए पर्यटन मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इस कानून के जरिए पर्यटकों को परेशान करने वाले लपकों पर लगाम लगेगी। पर्यटन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को अच्छा वातावरण मिले यह हम सब चाहते हैं और इसके लिए कानून भी लाए जाते हैं।

यदि फिर भी और संशोधन की आवश्यकता होगी तो हम इसमें संशोधन करेंगे। उन्होंने सदन में जवाब देते हुए कहा कि 2017 में भाजपा की सरकार थी लेकिन तब हाईकोर्ट की ओर से की गई टिप्पणी के बावजूद इस कानून में संशोधन की तरफ भाजपा ने ध्यान नहीं दिया।

हमारी सरकार ने लपकों को रोकने के लिए जयपुर, उदयपुर सहित कई जिला मुख्यालयों पर पर्यटन थाने भी खोले हैं। उन्होंने बताया कि 2018 में 2204 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई है। वहीं साल 2019 में 462 और साल 2020 में 194 और साल 2021 में 102 प्रकरणों पर कार्रवाई की गई है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि हमने 9 धार्मिक पर्यटन स्थल से जुड़े प्रस्ताव केंद्र को भेजे हैं लेकिन इन पर्यटन स्थलों के लिए केंद्र सरकार से फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है।

विपक्ष ने गिनाई विधेयक की खामियां
इससे पहले सदन में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक अभिनेश महर्षि सहित विपक्ष के कई सदस्यों ने संशोधन विधेयक की खामिय़ां गिनाईं।

उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि इस संशोधन विधेयक में पर्यटन स्थल से गरीब भिखारियों को हटाने के लिए सजा का प्रावधान तो रखा गया है लेकिन उनके पुनर्वास को लेकर कोई योजना इसमें नहीं रखी गई जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

राठौड़ ने कहा कि पूर्व में 2010 में बने इस कानून की धारा 27 और 13 (2 व 3) संशोधन सरकार लेकर आई है। इसके जरिए इस कानून को सरकार गैर जमानती बनाना चाहती है। राठौड़ ने कहा कि कोरोना काल में अकेले राजस्थान में 12000 करोड़ का नुकसान पर्यटन व्यवसाय को हुआ है लेकिन दम तोड़ते पर्यटन व्यवसाय को राहत देने के लिए सरकार की ओर से कोई नीति नहीं लाई गई है।

नाथी का बाड़ा पर नोक-झोंक
इससे पहले उपनेता प्रतिवर्ष राजेंद्र राठौड़ और पर्यटन मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के बीच नाथी का का बाड़ा को लेकर भी नोक झोंक हुई। राजेंद्र राठौड़ ने गोविंद सिंह डोटासरा से मांग कर डाली की नाथी का बाड़ा को पर्यटन स्थल घोषित किया जाए, जिस पर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि नाथी का बाड़ा तो पहले से ही ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है। इस पर सभापति राजेंद्र पारीक ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मैं सदन को नाथी का बाड़ा बनाने नहीं दूंगा।

firoz shaifi Desk
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