ट्रैक्टर को लेकर राजस्थान के इस बेटे किया ऐसा आविष्कार नहीं रहेगी ड्राइवर की दरकार, देखें वीडियो

मन में कुछ नया करने का जज्बा हो तो आदमी हर मुश्किल को हरा सकता है। ऐसा ही कुछ बमोरीकलां निवासी 19 वर्षीय युवक कर रहा है।

By: kamlesh

Published: 07 Jun 2018, 04:02 PM IST

बारां। मन में कुछ नया करने का जज्बा हो तो आदमी हर मुश्किल को हरा सकता है। ऐसा ही कुछ बमोरीकलां निवासी 19 वर्षीय युवक कर रहा है। बीएससी (मैथ्स) प्रथम वर्ष का छात्र योगेश नागर ने रिमोट सेे ट्रैक्टर चलाने के आविष्कार कर सबको चौका दिया है। इस आविष्कार के बाद पूरे प्रदेश में इसकी चर्चा होने लगी है। छोटी सी उम्र में इस युवक ने खुद की बुद्धि के बल कई आविष्कार किया हैं।

योगेश ने पिता की मदद के किया यह आविष्कार
योगेश नागर वर्तमान में बीएससी (मैथ्स) प्रथम वर्ष का छात्र है। मां शीला नागर गृहणी है, तो पिता रामबाबू नागर खेती करते है। पिता खेती और मजदूरी कर परिवार का पालन करते है और ट्रैक्टर चलाते है। इस दौरान योगेश के पिता को पेट दर्द रहने लगा। योगेश इस बात से बात परेशान रहने लगा कि अब परिवार का गुजर बसर कैसा होगा। योगेश ने बताया कि पिता की मदद के लिए मन मनाया। एक ऐसा रिमोट तैयार किया की एक जगह बैठ कर ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर सके। बिना चालक के ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई कर सके।

47 हजार रुपए हुए खर्च
योगेश ने बताया कि इसको तैयार करने के लिए कुछ उपकरण खुद बनाएं और कुछ सामान बाजार से खरीदा। इसके बाद एक आॅटो पैनल तैयार कर मशीन ट्रैक्टर पर लगाई जिससें सिग्नल देकर आज बिना चालक के मैरे पिता ट्रैक्टर से खेती का काम एक जगह बैठ कर सकते हैं। योगेश ने बताया कि इसको तैयार करने में 45 से 47 हजार का खर्च आया। घर में पैसों की व्यवस्था नहीं थी लेकिन पिता ने हौंसला दिया और मैंने यह अविष्कार कर दिया। योगेश ने बताया एक से डेढ़ किलोमीटर तक रेंज की यह रिमोट काम करता है।

सरकारी मदद मिले तो और भी कर सकता हूं आविष्कार
योगेश ने बताया कि मेेरा सपना है कि देश की सेना के लिए कुछ उपकरण और मशीनें तैयार करने प्लान है, लेकिन घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। योगेश ने कहा कि अगर सरकार मदद करे तो ऐसे कई आविष्कार कर सकता हूं।

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