फाइन वसूलते हैं, टूट-फूट की जिम्मेदारी नहीं लेते

फाइन वसूलते हैं, टूट-फूट की जिम्मेदारी नहीं लेते

Priyanka Yadav | Publish: Mar, 14 2018 05:02:14 PM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

ये हैं बेकद्री के उदाहरण...

जयपुर . शहर में यातायात पुलिस का रवैया शहरवासियों को पसंद नहीं आ रहा है उनका कहना है कि यातायात पुलिस गाड़ियां तो उठा ले जाती है लेकिन अगर गाड़ियों में स्क्रैच या कुछ टूट-फुट जाता है तो यातायात पुलिस उसकी जिम्मेदारी लेने से मना कर देती है और फिर लोगो को खुद अपने पैसे खर्च करने पड़ते है गाड़ी ठीक करवाने के लिए और ज्यादातर नो पार्किंग में खड़े वाहनों को बेकद्री से उठाने के कारण आए दिन कई लोगों की गाडिय़ां क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ऐसे लोगों से जुर्माना तो लिया जा रहा है लेकिन टूट-फूट सुधरवाने की जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। यहां तक कि पुलिस थाने में शिकायत करने पर भी राहत नहीं मिल पाती।

लोगों का आरोप है कि ठेकाकर्मी वाहनों को ट्रक में बेकद्री से लोड-अनलोड करते हैं और इससे गाडिय़ों में स्क्रैच आना या टूट-फूट होना आम बात है। कांच, बम्पर जैसी चीजें टूट जाती हैं। ठेकाकर्मी की लापरवाही का नतीजा लोगों को भुगतना पड़ता हैं और उन्हें जुर्माना के साथ-साथ अपनी जेब से गाड़ी ठीक करवाने के लिए पैसे देने पड़ते है।

 

भुगतने पड़े 4 हजार

कॉल सेंटर में कार्यरत नीरज (मानसरोवर) ने कहा कि उसकी कार को गत दिनों नो-पार्किंग से यातायात पुलिस की क्रेन ले गई। क्रेन का हुक निकलने से उसकी कार पलट गई। ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि क्रेन वालों की गलती से कार पलटी है फिर ठेकाकर्मियों से बात कि तो उन्होंने भरपाई से मना कर दिया और बाद में कार को ठीक करवाने के लिए 10 हजार खर्च हुए, 4 हजार रुपए नीरज को भुगतने पड़े।

 

पायदान गायब

गत दिनों सीविल इंजीनियर विवेक त्रिपाठी (गोपालपुरा) का कहना है कि वो किसी काम से रायसर प्लाजा गया था और यातायात ट्रक में सवार युवक उनका दोपहिया उठा ले गए। चालान की रसीद कटाने के बाद स्कूटी देखी तो पायदान गायब था। पुलिसकर्मी से जवाब मिला कि ट्रक में लोड करने वाले ठेकाकर्मी बताएंगे। ठेकाकर्मी बोले, टूट-फूट या सामान खोने की गारंटी नहीं है।

 

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