'मुश्किल में हैं, लेकिन इससे जल्द बाहर होंगे

पत्रिका कीनोट सलोन में केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस समय संकट में कौन नहीं है। राज्यों के पास वेतन देने का पैसा नहीं है। केंद्र का भी राजस्व बाधित हुआ है। उद्योग जगत और खास तौर पर एमएसएमई बहुत तकलीफ में है।

By: Bhagwan

Published: 20 May 2020, 06:03 PM IST

नई दिल्ली. पत्रिका कीनोट सलोन में केंद्रीय एमएसएमई और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस समय संकट में कौन नहीं है। राज्यों के पास वेतन देने का पैसा नहीं है। केंद्र का भी राजस्व बाधित हुआ है। उद्योग जगत और खास तौर पर एमएसएमई बहुत तकलीफ में है। लेबर को सबसे ज्यादा मुश्किल है। यह लड़ाई अब दो मोर्चों पर है। हमारे लिए बाजार में लिक्विडिटी और कैपिटल आना जरूरी है। रोजगार की क्षमता और निर्यात बढ़ाना है, आयात घटाना है। गडकरी पत्रिका कीनोट सलोन में जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में जितने लोगों की जान गई है, उसके मुकाबले में हमारे यहां कम गई हैं। हमें कोरोना के साथ जीने की पद्धति को समझना होगा।
सरकार ने अपेक्षा पूरी की : अमरीका ने दो ट्रिलियन तो जापान ने 12 फीसद जीडीपी का पैकेज दिया है। जापान और अमरीका की अर्थव्यवस्था से हमारी तुलना नहीं हो सकती। भारत सरकार ने 20 लाख करोड़ यानी जीडीपी का 10 प्रतिशत जारी किया है। हमें भरोसा है कि इससे देश का भला होगा।
कोरोना एक कृत्रिम वायरस: बहुत से प्राकृतिक वायरस होते हैं, उनकी वैक्सीन होती है लेकिन कोरोना कृत्रिम वायरस है, कोई वैक्सीन नहीं है। हमें भरोसा है कि जल्द वैक्सीन बाजार में होगी।
3 साल का गेहूं-चावल : हमारे पास इतना गेहूं-चावल है कि 3 साल तक उपयोग कर सकते हैं। जरूरतमंदों को सब जगह अनाज मुफ्त में दिया। सरकारी पैकेज में 3 लाख करोड़ एमएसएमई को मिले हैं। देश में 45 लाख एमएसएमई को पैसे मिलेगें। वे मशीन खरीदेंगे, कच्चा माल खरीदेंगे, श्रमिकों को पैसा मिलेगा। सरकारों को जीएसटी व राजस्व मिलेगा।
पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने की नई नीति : केंद्रीय मंत्री ने माना कि पुरानी गाडिय़ों को कबाड़ी में बेचने की नई नीति लाने की उनकी नीति दो साल के संघर्ष के बावजूद अब तक आ नहीं पाई है। लेकिन उनका दावा है कि अगले कुछ दिनों के बाद जैसे ही दिल्ली पहुंचेंगे इसकी घोषणा हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने पर राज्य और केंद्र, दोनों ही इंसेंटिव दें। साथ ही नई गाड़ी खरीदने पर भी उसे छूट मिले।
पीएम बनने का कोई सपना नहीं : एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बनने का सपना सपने में भी उनके एजेंडे में नहीं है। भगवान ने बहुत कुछ दिया है।


दो साल में 15 लाख करोड़ की सड़कें


गडकरी ने दावा किया कि टोल से होने वाली मौजूदा 28 हजार करोड़ की आमदनी को वे इस साल के अंत तक 40 हजार करोड़ तक पहुंचाएंगे और पांच साल में इसे एक लाख करोड़ कर लेंगे। उन्होंने दो साल में 15 लाख करोड़ के काम देने का लक्ष्य भी रखा है।


मोदी और अमिताभ मेरे पसंदीदा


गडकरी के मुताबिक उन्होंने राजनीति में अटल बिहारी, जॉर्ज फर्नांडीस, बाल ठाकरे और बाला साहब देवरस को अपना आदर्श माना है। इस समय नरेंद्र मोदी सबसे लोकप्रिय नेता हैं और सब लोग उन्हें नेता मानते हैं और स्वीकार करते हैं। गडकरी ने कहा कि उनके सबसे पसंदीदा कलाकार अमिताभ बच्चन हैं।

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned