निदेशक संस्कृत शिक्षा के तुगलकी आदेश


शिक्षक हो रहे परेशान
अभी तक बैक डेट में हो रहे हैं तबादले

By: Rakhi Hajela

Published: 14 Jan 2021, 09:20 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

राजकीय प्रवेशिका उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय गुढा गोपीनाथपुरा आंधी में कार्यरत लेवल टू के शिक्षक बिरदी चंद रैगर का तबादला पहले राजकीय प्रवेशिकाउच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय प्रेमपुरा जमवारामगढ़ किया गया। बिरदी चंद ने 31 दिसंबर को वहां कार्य आरंभ कर दिया था कि 2 जनवरी को उनका तबादला श्रीरामपुरा कर दिया गया। इस दौरान उनका लेवल भी बदल दिया गया। बिरदीचंद को लेवल 2 से लेवल 1 का संस्कृत शिक्षक बना कर फिर से 4 जनवरी को तबादले के आदेश विभाग ने जारी किए और उन्हें पाली स्थानांतरित कर दिया गया। इसी प्रकार विद्यालय में रिक्त पद नहीं होने पर भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पदस्थापना आदेश जारी कर दिए गए।
निदेशक संस्कृत शिक्षा के एक के बाद एक तुगलकी आदेश के बाद स्थानांतरित शिक्षक, संस्था प्रधान और सम्भागीय अधिकारियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। 31 दिसंबर को हुए स्थानन्तरण सूचियों में जयपुर शहर की अधिकांश विद्यालयों में स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक लगा दिए थे उसके बाद फिर निदेशक महोदय ने तुगलकी आदेश जारी कर दिया जिसके मुताबिक जिसमें कहा गया कि रिक्त पदों से अधिक शिक्षक स्थानांतरित होकर आ गए हैं तो उन्हें कार्यारम्भ नहीं करवाए। इसके बाद निदेशक ने हाल ही में एक और आदेश जारी कर दिया जिसमें कहा गया कि जिन शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है वह पूर्व विद्यालय में रिक्त पद पर कार्य ग्रहण करें अगर पद रिक्त नहीं हो तो सम्भागीय कार्यालय में कार्यग्रहण करें।
यह खड़ी हुई परेशानी
निदेशक के आदेश के बाद उन स्कूलों में जहां स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षकों का पदस्थापन किया गया है वहां अब डीडीओ के सामने वेतन व्यवस्था की चुनौती खड़ी हो गई है। गौरतलब है कि सरकार ने 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक स्थानान्तरण पर रोक हटाई थी, लेकिन संस्कृत शिक्षा विभाग में आज तक बैक डेट में स्थानांतरण का खेल अभी तक जारी है। संस्कृत शिक्षा के विद्यालय विंग में लगभग 1800 विद्यालयों में लगभग 7000 हजार सभी श्रेणियों के शिक्षक कार्यरत हैं। अब तक 3000 शिक्षकों का तबादला किया जा चुका है यानी हर दूसरा शिक्षक स्थानान्तरण से प्रभावित है, और शेष शिक्षकों में स्थानन्तरण को लेकर भय व्याप्त है।
गौरतलब है कि संस्कृत शिक्षा विभाग के पुराने शिक्षक जिनकी सेवा को 30 से 35 साल विभाग में सेवा देते हुए हो गए उनका कहना है कि इस बार जिस प्रकार के तबादले किए गए ऐसा संस्कृत शिक्षा के इतिहास में कभी नहीं हुआ। कई शिक्षकों के एक से अधिक स्थान पर स्थानन्तरण कर दिए, तो कई शिक्षकों के एक ही दिन में तीन बार तबादले आदेश जारी कर दिए गए। जिस शिक्षक की नियुक्ति लेवल.2 सामान्य में हुई है उसे स्थानान्तरण सुविधा के अनुसार लेवल. 1 संस्कृत कर दिया और जिसकी नियुक्ति .1 सामान्य में हुई उसे लेवल .2 संस्कृत में तबादला कर दिया गया।
पहले करवाया लेवल निर्धारण
आपको बता दें कि संस्कृत शिक्षा विभाग में तबादला प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व शाला दर्पण पर शिक्षकों का लेवल निर्धारण करवाया गया था इस काम में बकायदा डेपुटेशन पर शिक्षकों की टीम को लगाया गया था। जिसमें काफी पैसा खर्च हुआ। उसके बाद अब किए गए तबादलों में न तो लेवल का ध्यान रखा गया और ना ही विषय और सेवानिवृत्ति का।
तबादलों पर रोक लगाने की मांग
राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है संस्कृत विभाग में स्थानांतरण पर तुरंत रोक लगाई जाए। जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके।

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