कमाल के फायदे हैं तुलसी के

हमें तुलसी से अनगिनत फायदे हासिल होते हैं। तुलसी के पौधे का हर एक हिस्सा हमारे लिए बहुत गुणकारी है। इसके इस्तेमाल से कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत पाते हैं। आसानी से उपलब्ध तुलसी बहुत महत्वपूर्ण है।

तनाव में राहत
तुलसी तनाव दूर करने में कारगर होती है। तुलसी में एंटी-स्ट्रेस गुण पाया जाता है। तुलसी इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है, जिससे काफी हद तक तनाव से राहत मिलती है। तुलसी शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को संतुलित रख तनाव से बचाती है।

गठिया में फायदा
तुलसी गठिया में फायदेमंद है। गठिया के दर्द में तुलसी की जड़, पत्ती, डंठल, फल और बीज को मिलाकर उसका चूर्ण बनाएं। इसमें पुराना गुड़ मिलाकर 12-12 ग्राम की गोलियां बना लें। सुबह-शाम गाय या बकरी के दूध के साथ लेने से दर्द में लाभ होगा।

माइग्रेन में आराम
तुलसी का काढ़ा पीने से माइग्रेन और साइनस में आराम मिलता है। पुराने सिर दर्द से परेशान हैं, तो रोज सुबह और शाम को एक चौथाई चम्मच तुलसी के पत्तों का रस, एक चम्मच शुद्ध शहद के साथ लेने से 15 दिनों में दर्द में हमें राहत मिलती है।

बुखार से बचाव
बारिश के मौसम में सुबह खाली पेट रोजाना तुलसी के पांच पत्ते खाने से मौसमी बुखार और जुकाम में राहत मिलती है। तुलसी की पत्तियांं चबाने से मुंह का संक्रमण भी दूर होता है। इन्हें खाने से मुंह के छाले भी दूर होते हैं व दांत भी स्वस्थ रहते हैं।

संक्रमण से बचाव
बुखार होने पर आप तुलसी की कुछ पत्तियों को पानी से धोकर चबा लें। पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी को पीने से भी आराम मिलेगा। तुलसी की पत्तियां कटने व जलने से बने घावों को भी ठीक करती है और संक्रमण से भी बचाती हैं।

आंखों के लिए
तुलसी कंजक्टिवाइटिस जैसे संक्रमण के साथ-साथ अन्य रोगों से भी आंखों की रक्षा करती है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो आंखों को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। तुलसी की पत्तियां मोतियाबिंद से भी बचाने में सहायक मानी जाती है।

स्वस्थ त्वचा
सुबह तुलसी की पत्तियां खाने से कई प्रकार की बीमारियां और संक्रामक रोग नहीं होते। दाद, खुजली और त्वचा की अन्य समस्याओं में रोजाना तुलसी खाने व तुलसी के अर्क को प्रभावित हिस्से में लगाने से कुछ ही दिन में रोग सही हो जाता है।

वजन में कमी
वजन घटाने के लिए तुलसी का प्रयोग किया जा सकता है। एक स्टडी के अनुसार मोटापे से ग्रस्त मरीज को प्रतिदिन 250 ग्राम तुलसी के पत्तों का रस दिया गया। इससे मरीज के लिपिड स्तर व बीएमआई में काफी सुधार देखा गया।

Chand Sheikh Desk
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