Tulsi Jayanti 2020 : इस दोहे से शांत हो जाते हैं शत्रु, हर बाधा दूर कर देगी यह चौपाई

तुलसीदासजी ने श्रीरामचरित मानस में भगवान राम की महिमा का बखान किया और सहज—सरल भाषा शैली के कारण यह ग्रंथ बहुत लोकप्रिय हो गया. आज देश के हर घर में यह पूजास्थल पर रखा रहता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि श्रीरामचरितमानस के कई दोहे और चौपाइयां बहुत चमत्कारिक परिणाम देते है। इन विशेष दोहों और चौपाइयों के पाठ से जीवन की सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

By: deepak deewan

Updated: 27 Jul 2020, 09:12 AM IST

जयपुर. सनातन धर्म के लिए 27 जुलाई यानि सोमवार का दिन अहम है. आज सावन का चौथा सोमवार है, मासिक दुर्गाष्टमी भी है. इसके साथ ही आज गोस्वामी तुलसीदास का जन्मदिन भी है. श्रीरामचरितमानस के रचयिता के रूप में देश—विदेश में विख्यात तुलसीदासजी का जन्म सावन मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन ही हुआ था। सावन मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर आज श्रीराम के करोडों भक्त तुलसीदासजी को याद कर रहे हैं. उनका जन्मदिवस तुलसी जयंती के रूप में मनाया जाता है.

तुलसीदासजी ने श्रीरामचरित मानस में भगवान राम की महिमा का बखान किया और सहज—सरल भाषा शैली के कारण यह ग्रंथ बहुत लोकप्रिय हो गया. आज देश के हर घर में यह पूजास्थल पर रखा रहता है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि श्रीरामचरितमानस के कई दोहे और चौपाइयां बहुत चमत्कारिक परिणाम देते है। इन विशेष दोहों और चौपाइयों के पाठ से जीवन की सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। किसी भी प्रकार के संकट से मुक्ति के लिए एक चौपाई तो हर कोई जब—तब दोहराता है—

दीनदयाल बिरिदु सम्भारी!
हरहु नाथ मम संकट भारी!!

इसी प्रकार शत्रु पीड़ा समाप्त करने के लिए भी श्रीरामचरितमानस की एक चौपाई चमत्कारी परिणाम देती है—

गरल सुधा रिपु करहिं मिताई!
गोपद सिंधु अनल सितलाई!!
इस चौपाई का जप करने से शत्रु शांत हो जाते हैं.

ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार हर काम में यदि बाधा आ रही हो तो इसके निवारण के लिए निम्न चौपाई का जप करना चाहिए—

प्रनवऊं पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन।
जासु ह्वदय आगार बसहि राम सर चाप धर !!

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