250 साल से ज्यादा पुराने इन महलों की सुंदरता के आज भी हैं लोग कायल, सुरंग से निकलता था गुप्त द्वार

Vijay ram

Publish: Sep, 27 2017 08:17:54 PM (IST)

Jaipur, Rajasthan, India

1592 ई. में बने इस महल को देख न सिर्फ मुगल शासक दांतों तले उंगली दबा लेते थे बल्कि अमरीकी राष्ट्रपति और ब्रिटिश राजनेता भी बार—बार आना चाहते....

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जयपुर. यूं तो दुनिया में कितने शहर हैं लेकिन राजस्थान की राजधानी जयपुर जिसे भारत का पैरिस कहा जाता है, अलग ही है। प्राचीन समय में राजपूताना के नाम से विख्यात राजस्थान अपनी सुंदरता के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। यहां के स्थलों में इसकी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत की भव्यता झलकती हैं। यही कारण है कि यहां आने वाला हर देशी-विदेशी पर्यटक अपने साथ सुनहरी यादें समेटकर ले जाता है। राजपूताना के राजसी ठाटबाट की झलक दर्शाने वाले प्रमुख ऐतिहासिक किलों एवं महलों में से एक है आमेर का महल। यह अपनी विशालता, भव्यता और सुंदरता के कारण दुनिया के गिने-चुने दुर्गों में से एक माना जाता है। मावठा झील के किनारे बने इस महल के प्रवेश द्वार की भव्यता को देखकर ऐसा लगता है मानो सोने की प्लेट पर हीरे मोती जड़ दिए हों और उन्हें पत्थर की दीवार पर सजा दिया गया हो। इसकी सुंदरता इतनी थी कि राजा 12 रानियों के साथ यहीं रहता था। इसके चर्चे दूर-दूर तक हैं। यहां एक ऐसी गुप्त सुरंग बनवाई गई थी, जो संकट के समय सुरक्षित ले जा सकती थी। क्लिक करें Patrika.com की Next स्लाइड्स....

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