23 फरवरी को मनाया जाएगा पगड़ी संभाल जट्टा दिवस

शाहजहांपुर.खेड़ा बॉर्डर पर आज आंदोलन का 71 वां दिन

. आज युवा किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया
आज भी पूर्वी राजस्थान के करौली जिले से किसानों के जत्थे शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंचे
दंगलों का आयोजन भी किया

By: Rakhi Hajela

Published: 21 Feb 2021, 06:10 PM IST

शाहजहांपुर खेड़ा बॉर्डर पर रविवार को किसान आंदोलन का 71वां दिन था। रविवार को युवा किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाकर विरोध दर्ज करवाया। रविवार को भी पूर्वी राजस्थान के करौली जिले से किसानों के जत्थे शाहजंहापुर बॉर्डर पर पहुंचे। बॉर्डर पर किसानों ने दंगल का भी आयोजन किया। मंडेरू गांव के किसानों ने पूर्वी राजस्थान की लोक संस्कृति के माध्यम से किसानों के आंदोलन मांगों और आंदोलन की प्रस्तुति दी। आमसभा में किसान वक्ताओं ने कहा कि इतिहास ख़ुद को दोहरा रहा है। सन 1906-07 में किशन सिंह और अजीत सिंह शहीद भगत सिंह के पिता और चाचा ने अंग्रेज़ों के तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन खड़ा किया था, जिन्हें बाद में अंग्रेजों को वापस लेना पड़ा। अगर अंग्रेज उन क़ानूनों को वापस नहीं लेते तो ज़मींदार अपनी ही ज़मीन पर मज़दूर हो जाते। पगड़ी संभाल जट्टा इस आंदोलन का नारा बना। आज़ भी कमोबेश हालात वही हैं, वही तीन काले क़ानून आज हैं, बस अंग्रेज़ों की जगह उनके नौकर आ गए हैं। सभा में घोषणा की गई कि उसी किसान आंदोलन की याद में संयुक्त किसान मोर्चा के तहत 23 फरवरी को पगड़ी संभाल जट्टा दिवस मनाया जाएगा। सभा को ज्ञानी राजवीर सिंह, मस्तान सिंह, राजकरण, जसविंदर सिंह, राधेश्याम शुक्लावास, राकेश महर, बी एस बावड़ी, बनवारी लाल मीणा सांथा, बलबीर छिल्लर, मा.रघुवीर सिंह, रूड़ सिंह महला, मलखान मीणा, हरफूल सिंह आदि ने संबोधित किया। आज की आमसभा का संचालन डॉक्टर संजय माधव ने किया।

Rakhi Hajela Desk
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