गांजा सप्लाई के लिए दो अन्तर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार

संजय सर्किल में पकड़े नशीली दवाईयों की सप्लाई करने वाले

By: Lalit Tiwari

Published: 02 Mar 2021, 09:52 PM IST

पुलिस कमिश्नरेट की सीएसटी टीम और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ कानोता में कार्रवाई करते हुए गांजे की सप्लाई के लिए आए दो अन्तर्राज्जीय तस्करों को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। उधर क्राइम ब्रांच की टीम ने बिलाड़ा से प्रतिबंधित दवा मंगाने के मामले में दो लोगों को पकड़ा हैं। पुलिस फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने बताया कि अन्तर्राज्जीय तस्कर अनिल कुमार (35) निवासी मलकागंज उत्तरी दिल्ली हाल कोतवाली मथुरा उत्तरप्रदेश और भोलासिंह (19) निवासी कोतवाली मथुरा उत्तरप्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई कर संदिग्ध लग्जरी कार को पकड़ा। तलाशी में उसमें गांजा भरा मिला। पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। जिनके कब्जे से 10 किलो 100 ग्राम गांजा व तस्करी में प्रयुक्त लग्जरी कार को जब्त किया गया है। पूछताछ में आरोपितों ने गांजा उत्तरप्रदेश से 8 हजार रुपए प्रति किलो की दर से खरीदकर जयपुर शहर में 18 हजार रुपए प्रति किलोग्राम दर पर सप्लाई करना बताया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अवैध मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त में जुड़े बदमाशों की जानकारी जुटा रही है।
उधर पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने बिलाड़ा से प्रतिबंधित दवा मंगाने के मामले में दो लोगों को पकड़ा है। डीसीपी क्राइम दिंगत आनंद ने बताया कि पाली के जैतारण निवासी जैतारण पाली निवासी मुकेश चौधरी (29) पुत्र भागीलाल और कानाराम चौधरी (29) पुत्र गोपीलाल को गिरफ्तार किया हैं। मुखबिर से सूचना मिली थी कि संसार चन्द्र रोड स्थित सैनिक ट्रांसपोर्ट कंपनी पर फर्जी नाम से प्रतिबंधित दवा की 20 हजार टेबलेट भेजी है। अनुसंधान में सामने आया कि प्रतिबंधित दवा बिलाड़ा में मुकेश के यहां पर पहुंचनी है। उक्त सूचना पर टीम बिलाड़ा पहुंची और दोनों आरोपियों को पकड़ा। पड़ताल में सामने आया कि दोनों आरोपी एक निजी अस्पताल में काम करते हैं और प्रतिबंधित दवा मंगाकर बिलाड़ा के आस-पास सप्लाई करते हैं। आरोपियों ने बताया कि प्रतिबंधित दवाईयों को अवैध तरीके से संगठित गिरोह द्वारा बंद मेडिकल कंपनियों लाइसेंस और टिन नम्बर का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियों के नाम से डिलेवरी तैयार कर ट्रांसपोर्ट के जरिए प्रतिबंधित दवाईयां मंगवाई जाती हैं। प्रतिबंधित दवाईयों को 10 गुना अधिक रेट पर बेचा और सप्लाई करना बताया हैं। आरोपियों ने व्हाट्सअप ग्रुप बनाया गया है, जिसके माध्यम से नशीली दवाईयां ट्रांसपोर्ट के जरिए भेजने वाले और प्राप्त करने वालों की सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता हैं।

Lalit Tiwari Desk
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