एक किलोमीटर की दूरी में एक ट्रैक पर एक साथ सकेंगी दो ट्रेन

मेट्रो की तर्ज पर विकसित होगा रेल यातायात, फुलेरा से होगा यातायात कंट्रोल

 

Ankit Dhaka

February, 1404:55 PM

जयपुर. रेलवे स्टेशन पर क्रॉसिंग के दौरान ट्रेन को रवाना करने के लिए क्रॉस करके गई ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने का इंतजार नहीं करना होगा। उसके एक किलोमीटर निकलते ही दूसरी ट्रेन को रवाना कर सकेंगे।
मेट्रो की तर्ज पर यातायात कंट्रोल की यह सौगात प्रदेश में सबसे पहले जयपुर-अजमेर रेलखंड(१३२ किमी.) पर शुरू होगी। इसके लिए फुलेरा में केंंद्रीय कृत यातयात नियंत्रण सिस्टम बनाया जाएगा। इसका काम जल्द शुरू होगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक हाल ही आए रेल बजट में जयपुर-अजमेर रेलखंड (१३४ किमी.) पर केंद्रीयकृत यातायात नियंत्रण प्रणाली के लिए २०२ करोड़ रुपए बजट की स्वीकृति मिली है। इसके तहत दो स्टेशनों के मध्य प्रत्येक १ किलोमीटर पर सिगनल स्थापित किए जाएंगे ताकि मेट्रो की तरह एक ट्रैक पर ज्यादा ट्रेनों की संचालन हो सकें । इससे ट्रेन की गति में बढ़ोतरी होगी। जबकि वर्तमान में स्टेशनों पर सिगनलस प्रणाली स्थापित होती है। ऐसे में एक ट्रेन के दूसरे स्टेशन पर पहुंचने के बाद पीछे से उसी ट्रैक पर दूसरी ट्रेन का रवाना किया जाता है। इस प्रणाली में सिगनल का नियंत्रण एक ही जगह (फुलेरा) केंद्रीय कन्ट्रोल रूट पर रहेगा, जबकि वर्तमान में यह नियंत्रण स्टेशन मास्टर के पास रहता है और इसमें ओएफसी नेटवर्क का आयोजित किया जाएगा। इस प्रणाली के स्थापित होने पर टैक्नोलॉजी के उपयोग से बाहरी इन्फ्रास्टक्चर का इस्तेमाल करके ट्रैक की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। इसकी प्रणाली की मूलभूत आवश्यकता विद्युतीकरण विभाग को दी गई है। इस रेलखंड पर ३ स्टेशन को छोडक़र अन्य स्टेशनों पर यह प्रक्रिया सतत है। बता दे, यह प्रणाली वर्तमान में मेट्रो व मुंबई में स्थापित है। भारतीय रेलवे इसे देशभर के व्यस्तम रूट पर शुरू करने में जुटा है।

यह होगा फायदा
- ट्रेनों की क्षमता का उपयोग
-ट्रेनों की स्पीड में बढ़ोतरी
-संरक्षा में वृद्धि
- ट्रेनों के संचालन में वृद्धि

Ankit Desk
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