एक ही भवन में कर दिए दो शहीदों के नाम के स्कूल मर्ज

एक ही भवन में कर दिए दो शहीदों के नाम के  स्कूल मर्ज

MOHIT SHARMA | Publish: Mar, 14 2018 08:49:59 AM (IST) Jaipur, Rajasthan, India

परिजन बोले नहीं हो एक स्कूल में दो नाम, अन्य भवनों को भी करें शहीद के नाम से

जयपुर। शहीदों की शहादत को भी सरकार पूरी तरह से सम्मान नहीं दे रही है। प्रदेश में ऐसे कई स्कूल हैं, जिनका नाम पहले से ही शहीद के नाम पर कर दिया, लेकिन अब एक बार फिर सरकार ने स्कूल मर्ज करने के नाम पर उनमें दूसरा स्कूल भी मर्ज कर दिया। शहीदों के परिजनों का कहना है कि एक भवन का नाम एक ही शहीद के नाम पर होना चाहिए। उनका कहना है कि अन्य सरकारी संस्थाओं के नाम भी शहीदों के नाम पर करने चाहिए। शहीदों के परिजनों का कहना है कि वे इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन को देंगे।

राजधानी में भी एक स्कूल दो नाम
राजधानी जयपुर में भी एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें एक ही स्कूल भवन पर दो शहीदों के नाम लिखे गए हैं। मुरलीपुरा में एक स्कूल का नाम शहीद लेफिटनेंट पुनीत नाथ दत्त एवं शहीद मेजर योगेश अग्रवाल कर दिया है। शहीदों के परिजन इसका विरोध कर रहे हैं।


शहीद का पहले से नाम फिर भी किया मर्ज
ये स्कूल पहले से ही शहीद के नाम हैं, फिर भी इन स्कूलों में दूसरे शहीद के नाम वाले विद्यालयों को मर्ज किया गया है।
डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के कालीबाई राजकीय प्राथमिक विद्यालय रास्तापाल को शहीद नानाभाई खांट राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रास्तापाल में मर्ज किया गया है।

झुन्झुनू जिले के उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र के शहीद लांसनायक लादूराम राजकीय प्राथमिक विद्यालय पापड़ा को शहीद सुरेश कुमार बड़सरा राजकीय माध्यमिक विद्यालय पापड़ा में समन्वित किया गया है।

चूरू जिले के सुजानगढ़ के श्री शहीद दामोदर प्रसाद शर्मा राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय गुडावडी को श्री शहीद गिरधारी लाल राजकीय माध्यमिक विद्यालय गुडावडी में समन्वित किया गया है।


— शहीद मेजर योगेश अग्रवाल पिता अजय कुमार अग्रवाल और मां कुसुम अग्रवाल ने कहा कि एक ही स्कूल के भवन में दो शहीदों के नाम लिखवाना गलत है। शहीद को सम्मान मिलना चाहिए।


— शहीद मंगेज सिंह की पत्नी संतोष कंवर का कहना है कि एक ही भवन पर दो नाम नहीं होने चाहिए। स्कूलों की प्रदेश में कमी नहीं है। एक स्कूल पर एक ही शहीद का नाम होना चाहिए। इस संबंध में सभी शहीदों के परिवार मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।


— शहीद मेजर आलोक माथुर के पिता कैप्टन आरएस माथुर व मां मधु माथुर ने बताया कि स्कूल के अलावा भी अन्य संस्थाओं का नाम शहीद के नाम पर होना चाहिए। इससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी। एक शहीद के नाम पर एक ही स्कूल होना चाहिए।

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