वसुंधरा सरकार से नौकरी मांगने के बदले बेरोज़गारों को मिले 'डंडे'! BJP दफ्तर के बाहर पुलिस ने बल प्रयोग कर खदेड़ा

राजस्थान के बेरोज़गारों का हुजूम अचानक पहुंच गया बीजेपी दफ्तर, नेताओं-पुलिस के छूट गए पसीने, मचा हड़कंप

By: nakul

Updated: 07 Jun 2018, 11:12 AM IST

जयपुर।

राजस्थान के बेरोज़गारों का हुजूम अचानक से जयपुर स्थित भाजपा मुख्यालय पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में बेरोज़गार प्रदर्शनकारियों के एकाएक पहुंचने से मुख्यालय में मौजूद नेताओं और अन्य स्टाफ के पसीने छूट गए। इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को वहां से खदेड़कर स्थितियों को काबू में किया। जानकारी के मुताबिक़ बेरोज़गार प्रदर्शनकारी राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के बैनर तले पहुंचे थे। इनकी अगुवाई कर रहे महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना था कि सरकार की ढिलाई की वजह से कई भर्तियां अटकी हुई हैं। साथ ही कई विभागों में नियुक्ति प्रक्रियाएं भी अटकी पड़ी हैं।


पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच बहस
करीब 10 बजे बड़ी संख्या में बेरोज़गार प्रदर्शनकारी बीजेपी दफ्तर के बाहर एकजुट हो गए। इस सूचना पर पुलिस भी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बात करनी चाहिए। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस हुई। बीजेपी मुख्यालय से हटने की बात जब प्रदर्शनकारियों ने नहीं मानी तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।


इस दौरान बीजेपी दफ्तर के बाहर हड़कंप की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है। इधर, प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे सिर्फ अपनी विभिन्न मांगों का ज्ञापन देने के लिए बीजेपी पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने ऐसा करने से रोक दिया।

 


ये है प्रमुख मांग
दरअसल, बेरोज़गार प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग प्रदेश की भर्तियों में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों का कोटा कम करने की मांग है। महासंघ का कहना है कि बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को 50 प्रतिशत सामान्य श्रेणी के आरक्षण कोटे में से अवसर दिया जा रहा है जो कि राजस्थान के बेरोजगारों के लिए नाइंसाफी है। उनकी मांग है कि इस कोटे में कटौती कर 50 से 5 फ़ीसदी तक किया जाए। साथ ही बाहरी अभ्यर्थियों की आयु सीमा भर्तियों में 25 वर्ष किये जाने की भी मांग शामिल है।


बेरोज़गार महासंघ की मांग है कि राजस्थान में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, सिक्किम, कर्नाटक और तमिलनाडु की तर्ज पर व्यवस्था हो। वहीं अभ्यर्थियों को रीट प्रमाण पत्र से भर्ती में लाभ दिया जाए।


वहीं प्रतिस्थापित अध्यापकों को रीट 2018 में बाहर करने, रीट 2018 लेवल-2 में बीए का वेटेज 30 की बजाय 10 प्रतिशत तक करने और हाईकोर्ट से स्टे हटवाकर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है।

 


इससे पहले अजमेर में आरपीएसी भवन के बाहर भी किया प्रदर्शन
आरपीएससी भवन के सामने सैकड़ों सेकंड ग्रेड शिक्षक भर्ती 2016 के चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार व आरपीएससी के खिलाफ नारेबाजी लगाते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भैंस के आगे बीन बजाते हुए आरपीएससी पर आरोप लगाया कि बेरोजगारों की नियुक्ति प्रक्रिया अधिकारियों की लापरवाही की वजह से अटकी पड़ी है।


सेकंड ग्रेड 2016 हिंदी संस्कृत अंग्रेजी गणित और सामाजिक के अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया करीब 4 महीनों से आरपीएससी की लापरवाही की वजह से अटकी पड़ी है। यहां एकजुट हुए सैकड़ों बेरोजगारों ने आने वाले चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देने और भाजपा के खिलाफ घर-घर जाकर प्रचार करने के शपथ ली।

 


बेरोजगारों ने भाजपा को चेतावनी दी की जिस प्रकार उपचुनाव में तीनों जगह भाजपा का सूपड़ा साफ किया था वैसे ही आने वाले चुनाव में राजस्थान के बेरोजगार भाजपा का पूरे राजस्थान में सूपड़ा साफ कर देंगें।

 

 

आरपीएससी सचिव और उप सचिव से हुई वार्ता

वार्ता में बताया गया कि सेकंड ग्रेड के कुछ विषयों के प्रश्नों को लेकर कमेटी गठित की जा रही है जिसके लिए दो अधिकारियों को जयपुर कुलपति जी के पास भेजा गया है। जल्द ही एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया जाएगा और रिपोर्ट आते ही नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाएगी।

 

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