विश्वविद्यालयों के नॉन टीचिंग स्टाफ को सातवां वेतनमान जल्द

सातवें वेतनमान की भेजी सिफारिशें

जयपुर. प्रदेश के विश्वविद्यालयों में कार्यरत असिस्टेंट रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक समेत समकक्ष ३० पदों के अधिकारियों को जल्द ही सातवां वेतनमान का लाभ मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के मुताबिक सातवां वेतनमान देने के लिए गठित कमेटी ने अपनी सिफारिशें सरकार को भेज दी हैं। अब विभाग इन सिफारिशों को वित्त विभाग में भेजने की तैयारी कर रहा है।

वित्तीय समस्या नहीं
उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने दो साल पहले विवि में कार्यरत शिक्षकों व प्रशासनिक अधिकारियों के लिए वेतनमान और पदोन्नति की योजना लागू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदेश में यह लाभ शिक्षकों, लाइब्रेरियन और शारीरिक शिक्षकों को ही दिया गया। जबकि परीक्षा नियंत्रक, डिप्टी रजिस्ट्रार और असिस्टेंट रजिस्ट्रार जैसे अधिकारियों को इससे वंचित कर दिया गया। भाजपा शासन में सोडाणी कमेटी ने सिफारिश सरकार को दी, लेकिन विधानसभा चुनाव का हवाला देकर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अब कांग्रेस सरकार ने दोबारा कमेटी बनाई है। जिसने हाल ही अपनी सिफारिशें उच्च शिक्षा विभाग को भेज दी हैं। जानकारी के अनुसार, वेतनमान और पदोन्नति का मामला फाइनेंस में अटक जाता है। विवि के अधिकारियों के अनुसार, वित्तीय समस्या संभवतया नहीं है, क्योंकि कुल मिलाकर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सौ से भी कम एेसे अधिकारी कार्यरत हैं।

दूसरे राज्यों में हो गया लागू
राजस्थान राज्य विश्वविद्यालय अधिकारी संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र चतुर्वेदी के अनुसार, प्रदेश के अलावा दूसरे सभी राज्यों की यूनिवर्सिटीज में यूजीसी आधार पर वेतनमान दिया जा रहा है, लेकिन हमारे यहां सौतेला व्यवहार हो रहा है। मौजूदा स्लैब से वेतनमान में एक हजार तक का फर्क है। सातवें वेतनमान के मुताबिक असिस्टेंट रजिस्ट्रार को आठ साल, डिप्टी रजिस्ट्रार को पांच साल में पदोन्नति और बढ़ा हुआ वेतनमान मिलना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि विवि के ये अधिकारी बिना पदोन्नति के ही रिटायर हो जाते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर विवि में परीक्षा नियंत्रक ही नहीं हैं। सरकार ने पिछले साल विधानसभा में घोषणा की थी, तो आस जगी थी। अब इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए।

यूजीसी के नियमों के आधार पर वेतनमान और पदोन्नति लागू करने की सिफारिशें सरकार को हाल ही भेज दी गई हैं।

प्रो.आर.ए.गुप्ता, कंवीनर, कमेटी

रिपोर्ट को वित्त विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी आते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। .


शुचि शर्मा, सचिव, उच्च व तकनीकी शिक्षा

Pushpendra Sharma Desk
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