सीएए लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तरप्रदेश

अवैध प्रवासियों का डेटा भी तैयार होगा

 

By: anoop singh

Published: 06 Jan 2020, 12:47 AM IST

लखनऊ. उत्तरप्रदेश संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, ईसाई, पारसी, बौद्ध और जैन धर्म मानने वाले लोगों की पहचान करने का आदेश जारी किया गया है। साथ ही इन देशों से आने वाले अवैध प्रवासियों का डेटा भी तैयार किया जा रहा है।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया, सभी जिला कलेक्टरों को आदेश दिए गए हैं कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफागनिस्तान से दशकों पूर्व आए बिना वैध नागरिकता प्रवासियों की पहचान की जाएग। उत्तरप्रदेश में अफगानिस्तान से आने वाले प्रवासियों की काफी कम है। लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में तीन पड़ोसी देशों से प्रताडि़त होकर आए प्रवासी यहां निवास करते हैं। अवस्थी ने कहा, ये सीएए लागू करने की दिशा में पहला कदम है।

उद्देश्य: तीन पड़ोसी देशों से प्रताडि़त होकर आने वाले वास्तविक लोगों की पहचान कर नागरिकता प्रदान करना।

यहां ज्यादा: लखनऊ, हापुड़, रामपुर, शाहजहांपुर, नोएडा और गाजियाबाद। पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हैं ज्यादातर प्रवासी

आगे क्या: उत्तरप्रदेश सरकार केंद्रीय गृह मंत्रालय को तीन पड़ोसी देशों से आने वाले मुस्लिम अवैध प्रवासियों के बारे में भी सूचना देगी।

अन्य राज्यों में स्थिति: केरल और पश्चिम बंगाल सहित कांग्रेस शासित राज्य सीएए को लागू नहीं करने की बात कह चुके हैं।

बिहार में एनपीआर 15 मई से
पटना.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का काम कानून से जुड़ा है। इसे अपडेट करने का काम 15 मई से 28 मई तक चलेगा। सुशील मोदी ने कहा, पूरे देश में एनपीआर का काम 1 से 30 सितंबर तक चलेगा जबकि बिहार में इसे 15 मई से 28 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। देश के सभी राज्यों को एनपीआर लागू करना होगा। ये कानूनी रूप से बाध्यकारी है। कोई राज्य इसे खारिज नहीं कर सकता है।

जदयू एक राय नहीं

बिहार में एनडीए की सहयोगी जनतादल यूनाइटेड सीएए, एनआरसी और एनपीआर के मुद्दे पर एक राय नजर नहीं आ रही है।
एनपीआर पर आपत्ति नहीं: त्यागी
जदयू के प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा, पार्टी को एनपीआर से कोई आपत्ति नहीं है। त्यागी ने कहा कि 2010 में यूपीए सरकार ने एनपीआर की प्रक्रिया शुरू की थी। जब तक एनपीआर का डेटा एनसीआर में इस्तेमाल नहीं किया जाता हमें कोई आपत्ति नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बारे में आश्वासन दे चुके हैं।

सुशील मोदी की एकतरफा घोषणा: वर्मा
जदयू के महासचिव पवन वर्मा ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर डिप्टी सीएम सुशील मोदी के एनपीआर संबंधी बयान को एकतरफा करार दिया। वर्मा ने कहा, सीएए-एनआरसी हिंदू-मुस्लिमों के बीच भेद कर सामाजिक विभेद फैलाएगी। नीतीश इसे खारिज करें।

CAA
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