जनजाती क्षेत्रों में पैरामेडिकल और शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए - राज्यपाल

राज्यपाल कलराज मिश्र ( Governor Kalraj Mishra ) ने कहा है कि राज्य सरकार ( state government ) स्तर पर जनजातीय क्षेत्र के लोगों को यह अनुभव कराना जरूरी है...

By: Ashish

Published: 16 Oct 2020, 05:44 PM IST

जयपुर

राज्यपाल कलराज मिश्र ( Governor Kalraj Mishra ) ने कहा है कि राज्य सरकार ( state government ) स्तर पर जनजातीय क्षेत्र के लोगों को यह अनुभव कराना जरूरी है कि वे मुख्यधारा से जुड़े हुए हैं। जनजातीय और गैर जनजातीय क्षेत्र ( tribal and non-tribal areas ) में असमानता कैसे रुके, इसके समाधान के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों के चहुंमुखी विकास के अंतर्गत सामाजिक समरसता का विशेष ध्यान रखते हुए समन्वय रखकर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसी से जनजातीय क्षेत्र में विकास के और अधिक अवसर स्थानीय समुदाय को मिल सकेंगे।

राज्यपाल मिश्र ने शुक्रवार को राजभवन में जनजाति कल्याण हेतु संचालित योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा बैठक को संबोधित किया। उन्होंने नवाचारों के जरिए जनजाती क्षेत्र के लोगों को अधिकाधिक रूप में लाभान्वित किए जाने, उनमें आत्मविश्वास का सृजन किए जाने और जनजाती क्षेत्र के नेताओं के साथ-साथ अन्य समुदाय के लोगों द्वारा भी उनके लिए कार्य किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने जनजाती क्षेत्र के 40 गांवो को आदर्श गांव बनाए जाने के उनके सुझाव की भी समीक्षा की और कहा कि इस दिशा में अधिक प्रभवी प्रयास किए जाने की जरूरत है। इसी तरह उन्होंने अनुसूचित क्षेत्र में उत्तर मैट्रिक छात्रवृति के भुगतान को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने, आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए महाराष्ट्र विकास मॉडल का परीक्षण कर उसे लागू किए जाने के भी निर्देश दिए।

युवाओं की सूची बनाई जाए
मिश्र ने जनजाति क्षेत्र के 8 जिलों में पीएमटी, पीईटी आदि की कोचिंग से लाभान्वित होकर मेडिकल और इंजीनियरिंग क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने वाले युवाओं की सूची बनाने और उनका सम्मेलन करवाने के भी निर्देश दिए ताकि वहां के दूसरे युवाओं को प्रेरणा मिले। राज्यपाल ने जनजाति क्षेत्र में कई स्थानों पर विकास कार्यों पर शून्य फीसदी खर्च को गम्भीरता से लेने के निर्देश दिए और कहा कि इसके क्या कारण रहे, इसकी सतत मोनिटरिंग की जाए।

सड़क नहीं बनने पर जताई नाराजगी

राज्यपाल ने निर्देश दिए कि जनजाति क्षेत्र में बने होस्टलस का समुचित उपयोग हो। होस्टल में कहां कितने छात्र हैं, इसे देखे जाने और वहां पर्याप्त सुविधाएं है, इसकी भी प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए। राज्यपाल ने इस बात पर नाराजगी भी जताई कि जनजाति क्षेत्रों में प्रधानमंत्री सड़क ग्राम योजना के लिए राशि मिलने के बाद भी सड़कें बनी क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर इसे विशेष रूप से देखें। राज्यपाल ने जनजाति क्षेत्रों में पैरामेडिकल के और शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे जाने के लिए भी त्वरित कार्यवाही करने, तंबाकू प्रवृति रोकने के लिए इन जिलों में विशेष अभियान चलाने समेत अन्य निर्देश भी दिए।

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