राजस्थान: वसुंधरा के बाद अब 'सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा' की सूची वायरल, जानें पूरा मामला

प्रदेश भाजपा में फिर गरमाई अंदरूनी सियासत, सोशल मीडिया पर चल रहे दो समानांतर संगठन, वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया समर्थकों के बताये गए संगठन, 2023 में पूनिया सरकार बनाने का बताया गया लक्ष्य, घोषित पदाधिकारियों की सूची हो रही वायरल, ‘सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा’ के नाम से है लैटर हैड



By: nakul

Published: 10 Jan 2021, 10:46 AM IST

जयपुर।

राजस्थान भाजपा में अंदरूनी खींचतान की अटकलों के बीच सोशल मीडिया पर फिलहाल समानांतर संगठन चलाये जाने पर संग्राम छिड़ा हुआ है। अभी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थकों के ‘वसुंधरा राजे समर्थक मंच राजस्थान’ संगठन के सक्रीय होने की चर्चाएँ चल ही रहीं थीं, कि अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के नाम से भी समानांतर संगठन होने की बात सामने आई है। ये संगठन ‘सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा’ के नाम से बताया जा रहा है, जिसके लैटर हैड पर बाकायदा पदाधिकारियों की सूची जारी की गई है।


''लक्ष्य – 2023 में पूनिया सरकार’’!
‘सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा’ नाम के संगठन का एक लैटर हैड सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो 12 नवंबर 2020 को जारी होना बताया गया है। इसी लैटर हैड के ऊपरी हिस्से में ‘’लक्ष्य – 2023 में पूनिया सरकार’’ अंकित किया गया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जुगल किशोर शर्मा जबकि प्रदेश संयोजक विनीता चतुर्वेदी को बताया गया है। हालांकि वायरल हो रहे लैटर हैड में ना तो किसी के हस्ताक्षर हैं और ना ही किसी के मोबाइल नंबर।


घोषित हुए पदाधिकारियों की है सूची
‘सतीश पूनिया समर्थक मोर्चा’ के इस वारयल हो रहे लैटर हैड में वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को मुख्यमंत्री बनाने का उद्देश्य बताया गया है। यही नहीं पूनिया समर्थकों के बताये जा रहे इस संगठन में घोषित हुए पदाधिकारियों की सूची तक जारी की गई है।

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‘लक्ष्य’ तक पहुँचने की अपील
सतीश पूनिया समर्थकों के बताये गए इस संगठन की वायरल हो रही सूची में दो प्रदेश उपाध्यक्ष, दो प्रदेश प्रभारी, एक प्रदेश सचिव और एक मीडिया प्रभारी को नियुक्ति देना बताया गया है। साथ ही सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए समर्पण भाव से ज़िम्मेदारी का निर्वहन करने की अपील भी की गई है।


शरारती तत्वों की हो सकती है हरकत
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने भी सोशल मीडिया पर सक्रीय इस तरह के संगठनों और इनके पदाधिकारियों की सूचियों के वायरल होने पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने इसे शरारती तत्वों की हरकत बताते हुए कहा है कि हमारे पास तो प्रदेश भाजपा संगठन का प्लेटफोर्म है। हमें ऐसे समानांतर संगठन चलाने की आखिर ज़रुरत क्यों होगी? हमें भाजपा संगठन पर ही विशवास है।


पूनिया का कहना है कि भाजपा संगठन इतना बड़ा है कि यहाँ व्यक्ति का महत्व कम और संगठन का महत्व ज्यादा है। छोटा हो या बड़ा, हर कार्यकर्ता है जो पार्टी की मर्यादा और पार्टी के झंडे के नीचे काम करता है। कोई अपरिचित सोशल मीडिया पर कुछ चलाते हैं तो ये कोई संगठन के लिए चुनौती नहीं है। ऐसे भ्रामक सूचियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है।


वसुंधरा समर्थकों का संगठन भी सक्रीय
गौरतलब है कि पूनिया समर्थकों के इस कथित संगठन के लैटर हैड सोशल मीडिया पर वायरल होने से पहले वसुंधरा राजे समर्थकों के ‘वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच’ नाम से संगठन के सक्रीय होने की बात सामने आई थी। राजे समर्थित बताये गए संगठन के भी ‘नियुक्ति पत्र’ वायरल हो रहे हैं।

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इस मंच के प्रदेश अध्यक्ष विजय भारद्वाज का कहना है कि इस संगठन की स्थापना दिसंबर 2020 में वसुंधरा राजे द्वारा किए गए काम के संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए की गई है। संगठन में 25 जिला अध्यक्षों और जिला परिषदों की नियुक्ति की जा चुकी है।

nakul Desk
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