भारतीय संस्कृति के मूल में हैं वैदिक ज्ञान विज्ञान


संस्कृत विश्वविद्यालय में शुरू हुआ संस्कृत दिवस समारोह

By: Rakhi Hajela

Published: 21 Aug 2021, 11:17 PM IST

भारतीय चिंतन के आधार वेद हैं। वेद ज्ञान के उत्कृष्ट रूप हैं। वेदों पर ही आश्रित होकर रामायण, महाभारत, पुराण और स्मृति ग्रंथ रचे गए हैं। यह बात शनिवार को जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय में संस्कृत सप्ताह के उद्घाटन सत्र में प्रो.रामानुज उपाध्याय ने कही। दिल्ली के श्री लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय प्रोफेसर उपाध्याय ने कहा कि भारत की संस्कृति वेदों पर ही आश्रित हैं। यही कारण है कि भारत की पहचान सत्यमेव जयते है। डॉ. शंभुकुमार झा ने वेदों के अध्ययन की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वेदों में निहित विज्ञान पर अनुसंधान से ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनसे ज्ञात हो रहा है कि विज्ञान का मूल वेदों में है।
शैक्षणिक परिसर के निदेशक डॉ. राजधर मिश्र ने बताया कि सोमवार को व्याकरणा शास्त्र पर वाराणसी के संपूर्णानंद संस्ककृत विश्वविद्यालय के प्रो. रविशंकर पांडेय मुख्य वक्ता होंगे। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय जयपुर के प्रो. विष्णुकांत पांडेय विशिष्ट वक्ता होंगे।

Rakhi Hajela Desk
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