ग्राहकी कमजोर, 5 से 10 रुपए किलो में बिक रही अधिकांश रोजमर्रा की सब्जियां

बारिश के मौसम में एक तरफ हरी सब्जियों की खपत कम हुई है दूसरी तरफ इनकी आवक तेज बनी हुई है। इस कारण सब्जियों के दाम लगातार निचले स्तर पर बने हुए हैं।

By: santosh

Published: 07 Sep 2021, 12:39 PM IST

जयपुर। बारिश के मौसम में एक तरफ हरी सब्जियों की खपत कम हुई है दूसरी तरफ इनकी आवक तेज बनी हुई है। इस कारण सब्जियों के दाम लगातार निचले स्तर पर बने हुए हैं। पिछले साल की तुलना में बाजार में मांग कम होने की वजह कोरोना भी है।

स्कूल और व्यासायिक संस्थान अभी भी पूरी क्षमता से नहीं खुले हैं और लोग भी कोरोना की तीसरी लहर के डर की वजह से अब भी बाहर खाने जाने से डर रहे हैं। साथ ही सब्जियों की ग्राहकी कम होने की एक वजह जैनों में चल रहे पर्यूषण पर्व को भी माना जा रहा है। इन दिनों जैनों में सब्जियों की खपत काफी कम हो जाती है। मांग कम होने और सब्जियों की आवक अधिक होने से ग्राहकी कमजोर बनी हुई और सब्जियों के दाम बहुत नीचे आ गए हैं।

जयपुर की मुहाना सब्जी मंडी में बहुत कम सब्जियां इस तरह की हैं जिनके भाव थोक में 15 रुपए किलो से अधिक हैं। अधिकांश रोजमर्रा की सब्जियां 5 से 10 किलो के बीच में बिक रही हैं। वह भी तब जबकि इन दिनों अधिकांश सब्जियां जयपुर की मुहाना मंडी में राजस्थान और जयपुर के बाहर से आ रही हैं, क्योंकि पूरे देश में इन दिनों की सब्जियों की भारी आवक बनी हुई है।

मुहाना सब्जी मंडी जयपुर के उपाध्यक्ष इमरान कुरैशी ने पत्रिका को बताया कि रविवार के बाद से कुछ सब्जियों में तेजी लौटी है पर अब भी अधिकांश सब्जियां काफी सस्ती बिक रही हैं। मुहाना सब्जी मंडी जयपुर के अध्यक्ष राहुल तंवर के अनुसार सब्जियों के दामों में गिरावट से किसान को अपनी लागत ही नहीं निकल रही है। अगर यही हाल रहा तो किसान फसल को खेत में नष्ट करना शुरू कर देगा।

तंवर ने बताया कि इन दिनों मुहाना मंडी में सब्ज़ियां अन्य प्रदेशों से आ रही है। टमाटर औरंगाबाद और नासिक से आ रहा है। अदरक बंगलौर से आ रही है। मिर्च मध्यप्रदेश से आ रही है और धनिया उदयपुर और मध्यप्रदेश से आ रहा है । पालक मुहाना मंडी के आस पास के क्षेत्रों से आ रहा है। पत्तागोभी सटाना से आ रही हैं। फूलगोभी पावटा और इंदौर से आ रही है और लौकी उत्तरप्रदेश से आ रही है। तंवर ने बताया कि मानसून में सब्ज़ियों के थोक भाव में तेज़ी रहती हैं परन्तु इस बार सब्ज़ियों भावों में तेज़ी देखने को नहीं मिल रही है। इसका बड़ा कारण मानसून कमजोर होने से सब्ज़ियों की बिक्री भी कमजोर है। टमाटर, खीरा, नींबू, मिर्च, लोकी की आवक बंपर है परन्तु ग्राहकी कमजोर है।

मुहाना सब्जी मंडी में थोक भाव
सब्जी----------भाव (रुपए प्रति किलो)
आलू----------8 से 10
प्याज लाल------15 से 18
टमाटर हाइब्रिड--9 से 10
मिर्ची----------10 से 14
अदरक पुरानी---45 से 48
अदरक नई------18 से 20
नींबू------------40 से 42
टिंडा------------16 से 20
लोकी------------5 से 6
शिमला मिर्च------18 से 20
भिन्डी------------8 से 12
गंवार फली------18 से 20
पत्ता गोभी------8 से 10
फूल गोभी------18 से 20
खीरा चाइनीज---17 से 18
खीरा----------4 से 6
बैंगन----------10 से 15
कोला---------4 से 7
करेला--------12 से 15
करेला स्टार----20 से 24
परवल------30 से 32
मक्का------9 से 10
मूली------12 से 15
अरबी------8 से 10

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