पशु चिकित्सालय खोलकर दी पशुपालकों को सौगात लेकिन...

बेजुबानों का इलाज, झोलाछाप के हाथ
पशुधन सहायक पद पर नहीं हो रही भर्ती
पशुपालकों को नहीं मिल रहा विभागीय योजनाओं का पूरा लाभ
भर्ती की मांग लेकर प्रदर्शन करेंगे युवा बेरोजगार

By: Rakhi Hajela

Published: 05 Feb 2021, 09:13 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

एक ओर राज्य सरकार (State Govt.) पशु चिकित्सालय (veterinary hospital) खोलकर पशुपालकों को सौगात दे रही है लेकिन रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होने से यह सौगात कोई काम नहीं कर रही। पशुपालक भी झोलाछाप चिकित्सकों (Fake practitioners) ने अपने पशुओं का इलाज करवाने पर मजबूर हैं। वहीं बेरोजगार पशुधन सहायक ( Unemployed livestock assistant) भी तीन साल से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं लेकिन उनका इंतजार समाप्त होने का नाम ही नहीं ले रहा। ऐसे में अब परेशान इन बेरोजगार युवाओं ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक पशुधन सहायक भर्ती संघर्ष समिति के बैनर तले यह बेरोजगार युवा 8 फरवरी को पूरे प्रदेश में उपखंड मुख्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। आपको बता दें कि विभाग में पिछले तीन साल में पशुधन सहायकों की भर्ती नहीं की गई है। आखिरी भर्ती 2018 में निकाली गई थी।
यह है विभाग में पदों की स्थिति
पद स्वीकृत पद भरे पद रिक्त पद
वरिष्ठ पशुचिकित्सा अधिकारी 1124 903 221
पशु चिकित्सा अधिकारी 1936 904 1032
पशु चिकित्सा सहायक 1644 955 689
पशुधन सहायक 8359 7167 1192
पदोन्नति के बाद बढ़ेगी रिक्त पदों की संख्या
आपको बता दें कि प्रदेश में पशु चिकित्सा सहायकों के 42 फीसदी पद पहले से ही रिक्त चल रह रहे हैं, वहीं पशुधन सहायकों के पद भी काफी संख्या में रिक्त हैं। ऐसे में यदि पशुधन सहायकों की पशुचिकित्सा सहायकों के पद पर पदोन्नति की जाती है तो यह संख्या और बढ़ जाएगी। वर्तमान में पशुधन सहायकों के 1192 पद रिक्त हैं जो बढ़ कर 1900 तक पहुंच जाएंगे।
विभागीय काम हो रहा प्रभावित
आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा उपकेंद्र पशुधन सहायकों द्वारा ही संचालित किए जाते हैं। पद रिक्त होने से ग्रामीण क्षेत्र में पशुचिकित्सा सेवाएं और कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और पशुपालकों को विभागीय योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। जबकि पशु टीकाकरण कार्यक्रम, चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण, राष्ट्रीय गोकुल मिशन कार्यक्रम और पशु स्वास्थ्य और उत्पादन सूचना तंत्र के तहत टैगिंग आदि में शतप्रतिशत लक्ष्य पूरा करने में पशुधन सहायकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
नीम हकीम लूट रहे
विभाग में पद रिक्त होने का नीम हकीम पूरा फायदा उठा रहे हैं। पशुधन सहायक का कोर्स करने वाले युवा पशुओं के इलाज करके पशुपालकों से हजारों रुपए वसूलते हैं। कई बार गलत इलाज से पशुओं की मौत तक हो जाती है। इन नीम हकीमों के बारे में प्रशासनिक अधिकारियों के पास में जानकारी है, मगर पद रिक्तता के कारण कोई कार्यवाही नहीं की जा रही।
फैक्ट फाइल
पशुधन के मामले में प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर
20वीं पशुगणना के मुताबिक राज्य में कुल पशुधन 5 करोड़ 68 लाख
प्रदेश में खोले जा रहे 200 नए पशु उप चिकित्सा केंद्र
न्यूनतम एक हजार पशुधन पर चिकित्सा के लिए एक पशुधन सहायक की जरूरत
राज्य में आठ हजार पशुधन पर एक पशुधन सहायक हैं नियुक्त
इनका कहना है,
राज्य सरकार आर्थिक तंगी का बहाना लेकर भर्ती को टालना चाहती है। जब अन्य विभागों में भर्ती की जा रही है तो पशुपालन विभाग में क्यों नहीं। पशुधन सहायक पद पर भर्ती की मांग को लेकर बेरोजगार पशुधन सहायक 8 फरवरी को उपखंड अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे और ज्ञापन देंगे। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा।
मुकेश सिंदल, पशुधन सहायक भर्ती संघर्ष समिति
प्रदेश संघर्ष संयोजक

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned